Waqf Amendment Bill: वक्फ (संशोधन) विधेयक 2024, आज लोकसभा में पेश किया जाएगा. इस बिल को लेकर भारत में विरोध बढ़ता जा रहा है जिसके बीच ये विधेयक पेश किया जाएगा. इस बिल का उद्देश्य वक्फ अधिनियम 1995 में संशोधन करना है. हालांकि, इन प्रस्तावित संशोधनों ने एक तीखी बहस छेड़ दी है, जिसमें विपक्ष इस बिल के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करेगा.
वक्फ संपत्तियों को मैनेज करने और प्रशासन में सुधार करने वाले इस विधेयक को विपक्षी दलों की आलोचना का सामना करना पड़ा है। विधेयक को शुरू में अगस्त 2024 में लोकसभा में पेश किया गया था, लेकिन विपक्ष और कई मुस्लिम संगठनों ने उसका विरोध किया था जिसके बाद इसे एक संयुक्त संसदीय समिति (JPC) के पास भेज दिया गया था.
इस बिल पर हफ्तों के विचार-विमर्श के बाद जेपीसी ने विधेयक में 14 संशोधनों को मंजूरी दे दी, जबकि विपक्षी सांसदों द्वारा प्रस्तावित 44 को खारिज कर दिया. सरकार ने तर्क दिया है कि वक्फ संपत्तियों के प्रशासन में सुधार, एफिशियंसी बढ़ाने और राज्य वक्फ बोर्डों के सामने आने वाली चुनौतियों से निपटने के लिए किए जा रहे संशोधन बेहद जरूरी हैं.
विधेयक के मेन प्वाइंट्स की बात करें तो इसमें वक्फ अधिनियम का नाम बदलना, वक्फ की परिभाषाओं को अपडेट करना, रजिस्ट्रेशन प्रोसेस में सुधार करना और वक्फ रिकॉर्ड के मैनेजमेंट को सुव्यवस्थित करने के लिए टेक्नोलॉजी को शामिल करना शामिल है. सरकार के आश्वासन देने के बाद भी विधेयक को विपक्षी दलों से कड़ा प्रतिरोध झेलना पड़ा है.
बता दें कि केंद्र सरकार को बिल पर चर्चा के लिए 8 घंटे आवंटित किए गए हैं। इसी समय में सरकार को इस बिल को पारित करना होगा। वहीं, कांग्रेस ने इस बिल को लेकर कड़ा प्रतिरोध करने की बात कही है. एनडीए के पास वर्तमान में 543 सदस्यीय लोकसभा में 293 सदस्य हैं, जबकि बीजेपी के पास 240 सदस्य हैं.