UGC Refund Policy: हमारे देश में अलग-अलग कॉलेज और यूनिवर्सिटियों के साथ-साथ राज्य और केंद्र की संस्थाओं में प्रवेश के लिए अलग नियम कानून हैं. इनके लिए प्रवेश परीक्षा और एडमिशन भी का समय में अलग होते हैं. ऐसे में उन छात्रों के लिए समस्या खड़ी हो जाती है जो कहीं प्रवेश ले चुके हैं लेकिन उनकी पसंदीदा जगह में बाद में एडमिशन मिल रहा है. ऐसे में बच्चों को अपनी मोटी फीस की चिंता होती है और वो वहीं बिना मन के पढ़ाई करने लगते हैं. ऐसे छात्रों की विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) ने दूर कर दी है. इसके हिसाब से अब निश्चित समय में एडमिशन कैंसल करने पर फीस वापस मिल जाएगी.
विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) ने बच्चों की फीस वापसी के संबंध में देशभर के उच्च शिक्षा संस्थानों को निर्देश जारी किया है. इसके बाद प्रवेश निरस्त कराने वाले छात्रों की फीस वापस की जाएगी. उच्च शिक्षण संस्थान बच्चों पर अपनी मनमर्जी अब नहीं चला पाएंगे. आइये जानें आदेश और पॉलिसी क्या है?
15 मई 2024 को विश्वविद्यालय अनुदान आयोग ने अपनी 580वीं मीटिंग में छात्रों हित में ये फैसला लिया है. बैठक के बाद आयोग ने 2024-25 शैक्षणिक सत्र के लिए फीस रिफंड पॉलिसी जारी की है. इसके अनुसार, छात्र किसी यूनिवर्सिटी या कॉलेज में रजिस्ट्रेशन करने के बाद अगर 30 सितंबर से पहले अपना नाम वापस लेते हैं तो उन्हें यूनिवर्सिटी या कॉलेज पूरी फीस वापस करेंगे. इस पॉलिसी की घोषणा 12 जून को एक नोटिस जारी कर की गई है.
फीस रिफंड के लिए 2024-25 सत्र में छात्रों को 30 सितंबर छोड़ने की सूचना देनी होगी और उन्हें सारे प्रोसेस करना होगी. यदि कोई छात्र सही समय में अपनी शीट छोड़ता है और कॉलेज या यूनिवर्सिटी फीस वापस नहीं करती है तो उनके खिलाफ कार्रवाई होगी. UGC के निर्देश के अनुसार, उनकी मान्यता भी रद्द की जा सकती है. इसमें ये भी कहा गया है कि अगर कोई संस्थान इन आदेशों को नहीं मानता है तो इसकी सूचना सीधे UGC को दी जा सकती है.
इस पॉलिसी के तहत देरी से प्रवेश लेने वाले संस्थानों को भी इस नियम का पालन करना होगा. इसमें उन्हें 15 दिन के भीतर बच्चे की फीस वापस करनी होगी. अगर छात्र प्रवेश लेने के महीने भर के अंदर एडमिशन कैंसिल करता है तो उसे आधी फीस वापस की जाएगी. इसके साथ ही कोई संस्था किसी भी छात्र के कोई डाक्यूमेंट अपने पास नहीं रख सकते. ऐसी स्थिति में उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगा.