Abu Dhabi first temple: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कल यानी 14 फरवरी को संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में पहले भव्य हिंदू मंदिर का उद्घाटन करेंगे. कल मंदिर के उद्घाटन के बाद इसे 1 मार्च को आम जनता के लिए खोल दिया जाएगा. आबूधाबी में तैयार भव्य हिंदू मंदिर को 27 एकड़ जमीन पर बनाया गया है.
मंदिर की वेबसाइट के मुताबिक, यूएई के आबूधाबी में भव्य मंदिर तैयार हो गया है, जिसका उद्घाटन पीएम मोदी करेंगे. आबूधाबी के अलावा दुबई, शारजाह और रुवैस शहर में भी मंदिर निर्माण कार्य जारी है. यूएई के अलावा, स्वामीनारायण मंदिर मस्कट, सोहर, कुवैत और बहरीन में भी स्वामीनारायण मंदिर बनाया गया है.
His Holiness Mahant Swami Maharaj inaugurated the Pramukh Sabhagruh assembly hall of the #AbuDhabiMandir by performing his morning pooja in the presence of swamis and devotees. pic.twitter.com/SemLbyA7Gw
— BAPS Hindu Mandir (@AbuDhabiMandir) February 11, 2024
दरअसल, इस मंदिर का सपना 27 साल पहले यानी 1997 में देखा गया था. इतने लंबे समय के इंतजार के बाद अब ये सपना पूरा होने जा रहा है. रिपोर्ट्स के मुताबकि, स्वामीनारायण संप्रदाय के BAPS यानी बोचासनवासी अक्षर पुरूषोत्तम स्वामीनारायण संस्था के तत्कालीन अध्यक्ष स्वामी महाराज 27 साल पहले यूएई के शारजाह आए थे. यहां वे एक रेगिस्तान वाले इलाके में गए और 5 अप्रैल 1997 को दुनिया में शांति, सभी धर्मों में लोगों में एक दूसरे के लिए प्रेम और उनकी प्रगति के लिए प्रार्थना की. इस दौरान उन्होंने आबूधाबी में मंदिर की कल्पना की.
इसके बाद स्वामीनारायण संप्रदाय के लोगों ने यूएई के नेताओं से लगातार मुलाकात और बातचीत की. इस दौरान स्वामीनारायण संस्था की ओर से आबूधाबी में मंदिर बनाए जाने वाली इच्छा के बारे में बताया गया. अब दो दशक के बाद ये इच्छा पूरी होने जा रही है.
दरअसल, 2014 में आम चुनाव के बाद जब मोदी सरकार सत्ता में आई तो पड़ोसी देशों से बेहतर संबंध स्थापित किए जाने पर जोर दिया जाने लगा. इसी कड़ी में भारत और संयुक्त अरब अमीरात के बीच दोस्ताना माहौल और प्रगाढ़ हुआ. दोनों देशों के रिश्तों को नया आयाम मिला. मोदी सरकार के बनने के करीब एक साल बाद यानी 2015 में अरब सरकार ने स्वामीनारायण संप्रदाय को हिंदू मंदिर के लिए 27 एकड़ जमीन दे दी.
His Holiness Mahant Swami Maharaj, the spiritual leader of BAPS arrives at the BAPS Hindu Mandir, Abu Dhabi marking the beginning of the Festival of Harmony #FOHabudhabi #AbuDhabiMandir #FestivalofHarmony #Love #Peace #Harmony pic.twitter.com/wF4Ahhu8dE
— BAPS Hindu Mandir (@AbuDhabiMandir) February 5, 2024
दरअसल, प्रधानमंत्री मोदी 2015 में UAE दौरे पर पहुंचे. करीब दो साल बाद यानी 2017 में UAE के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान भारत आए और गणतंत्र दिवस परेड में मुख्य अतिथि बने. फिर दो साल बाद यूएई की ओर से पीएम मोदी को 'ऑर्डर ऑफ जायद' सम्मान दिया गया.
अरब सरकार की ओर से भव्य मंदिर के लिए जमीन दिए जाने के बाद पीएम मोदी ने एक सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि मैं संयुक्त अरब अमीरात सरकार का आभारी हूं. इसके बाद अबूधाबी और दुबई नेशनल हाइवे के नजदीक अल रहबा इलाके में मंदिर निर्माण कार्य शुरू किया गया. अप्रैल 2018 में पीएम मोदी ने इस मंदिर का शिलान्यास किया था.
प्रधानमंत्री पिछले 8 महीने में तीसरी बार आज यूएई के दौरे पर जाएंगे. UAE मेें भारतीय राजदूत संजय सुधीर के अनुसार, पीएम मोदी आज से UAE के दो दिवसीय दौरे पर रहेंगे. स्वामीनारायण मंदिर के उद्घाटन के अलावा पीएम मोदी, UAE के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान से मुलाकात भी करेंगे और द्विपक्षीय बातचीत भी करेंगे.
His Holiness Mahant Swami Maharaj, the spiritual leader of BAPS arrives at the BAPS Hindu Mandir, Abu Dhabi marking the beginning of the Festival of Harmony #FOHabudhabi #AbuDhabiMandir #FestivalofHarmony #Love #Peace #harmony pic.twitter.com/qWPdfuF2iy
— BAPS Hindu Mandir (@AbuDhabiMandir) February 5, 2024
स्वामीनारायण मंदिर के उद्घाटन से पहले पीएम मोदी आज यानी 13 फरवरी को ‘अहलान मोदी’ नाम के कार्यक्रम में संयुक्त अरब अमीरात में रहने वाले प्रवासी भारतीयों को भी संबोधित करेंगे. UAE के एंबेसडर अब्दुल नासिर अल शाली ने कहा कि दुबई में आयोजित 'वर्ल्ड गवर्नमेंट समिट 2024' में पीएम मोदी ‘गेस्ट ऑफ़ ऑनर’ के तौर पर शामिल होंगे, जहां उनका संबोधन होगा.
विजिटर सेंटर, प्रार्थना कक्ष, लर्निंग सेंटर, बच्चों और युवाओं के लिए प्ले एरिया, गार्डन, फूड कोर्ट, बुक स्टॉल और गिफ्ट आइटम्स की शॉप मंदिर कैंपस में होंगी. भव्य हिंदू मंदिर के लिए जमीन देने के लिए स्वामीनारायण मंदिर के डायरेक्टर प्रणव देसाई ने UAE को धन्यवाद दिया है. मंदिर निर्माण में लोहे या स्टील का यूज नहीं किया गया है, बल्कि पत्थरों से इस भव्य मंदिर का निर्माण किया गया है. 108 फीट ऊंचे इस मंदिर में पत्थरों पर राजस्थान और गुजरात के कारीगरों से शानदार नक्काशी कराई गई है.