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13 टीमें, 250 CCTV कैमरे खंगाले, 150 लोगों से पूछताछ... ड्रम में पत्नी को चुनवाने वाले पति तक ऐसे पहुंची पुलिस

Surat Murder Case: 29 जून को सूरत पुलिस को एक नाले में ड्रम मिला था. जब पड़ताल की गई तो ड्रम के अंदर एक महिला की लाश थी. महिला की शिनाख्त, हत्या समेत हत्या के कारणों की पड़ताल के लिए 13 टीमें गठित की गईं. टीमों ने 250 से ज्यादा सीसीटीवी कैमरे खंगाले और करीब 150 लोगों से पूछताछ की, तब जाकर हत्या के आरोपी तक पहुंची. आरोपी मृत महिला का पति निकला. आइए, जानते हैं वारदात की पूरी कहानी.

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Edited By: India Daily Live
surat murder case
Courtesy: Social Media

Surat Murder Case: सूरत पुलिस ने 29 जून को भेस्तान भानोदरा गांव के बाहरी इलाके में एक नाले से महिला की लाश बरामद की थी. महिला की लाश को एक ड्रम में रखा गया था, जिसके ऊपरी हिस्से को सीमेंट से चुनवा दिया गया था. अंदर सीमेंट समेत कई अन्य चीजें भरीं गई थीं, जिससे ड्रम का वजन करीब 250 किलोग्राम हो गया था. पुलिस ने जब ड्रम के अंदर महिला की लाश देखी, तो उसके सामने एक साथ कई चुनौतियां आ गईं. जैसे- महिला कौन है, उसकी हत्या क्यों और कैसे की गई, हत्या की वारदात को किसने अंजाम दिया, नाले तक महिला की लाश कैसे और कब पहुंची?

महिला की लाश मिलने के बाद एक साथ सामने आए सवालों के जवाब को तलाशने के लिए सूरत पुलिस ने कुल 13 टीमें बनाईं. इनमें भेस्तान पुलिस की 6 जबकि क्राइम ब्रांच की 7 टीमें शामिल थीं. टीमों ने 50 से ज्यादा सोसाइटियों में 250 से ज्यादा सीसीटीवी को चेक किया. करीब 150 से ज्यादा लोगों से पूछताछ की, तब जाकर पुलिस आरोपी तक पहुंची पाई. पुलिस को जानकारी मिली कि आरोपी महिला का पति है और उसने अवैध संबंधों के शक में पूरी वारदात को अंजाम दिया है.

27 को हत्या कर 2 दिनों तक घर में रखी लाश

पुलिस के मुताबिक, आरोपी की पहचान भावनगर के गोकुलधाम सोसा के रहने वाले 45 साल के संजय करमशी पटेल उर्फ गोपानी के रूप में हुई है. पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने अपनी पत्नी धर्मिष्ठा कांतिभाई चौहान की 27 जून को गला घोंटकर हत्या कर दी थी. वारदात को अंजाम देने के बाद उसने अपनी पत्नी की लाश को दो दिनों तक घर में ही रखा था. फिर लाश को प्लास्टिक के ड्रम में रखा औऱ उसे सीमेंट के जरिए पैक कर दिया. 29 जून को आरोपी ने 600 रुपये में एक माल ढोने वाला टैंपो किराए पर लिया और चार लोगों को 1 हजार की मजदूरी देकर ड्रम को टैंपो में लोड कराया. आरोपी ने मजदूरों से कहा कि इसमें पूजा का सामान है, जिसे नदी में फेंकना है. फिर मजदूरों की मदद से ड्रम को भनोदरा गांव के नाले में फेंक दिया.  

आखिर आरोपी तक कैसे पहुंची पुलिस?

पुलिस ने जब नाले से ड्रम बरामद किया था, तब पड़ताल में सामने आया था कि ड्रम के ऊपर GACL और एक नंबर लिखा था. जांच पड़ताल करती हुई पुलिस केमिकल कंपनी पहुंची और पूछताछ की. सामने आया कि कंपनी से सचिन नाम के शख्स ने ड्रम को खरीदा था. जब पुलिस ने सचिन से पूछताछ कि तो उसने कहा कि ये ड्रम कबाड़ में बेच दिया गया था. फिर पुलिस ने सीसीटीवी कैमरे की जांच की. सामने आया कि आरोपी 25 जून को कबाड़ी वाले के पास आया था और ड्रम को खरीदकर घर ले गया था. पुलिस ने और सीसीटीवी खंगाला शुरू किया और फिर आरोपी के घर तक जा पहुंची.

पुलिस जब आरोपी के घर पर पहुंची तो मृतका की 7 साल की बेटी से पूछा कि तुम्हारी मां कहा है. इसके बाद बच्ची ने पुलिस को बताया कि वो पिछले 5 दिनों से घर नहीं आई है. फिर पुलिस ने ड्रम से बरामद कपड़े को बच्ची को दिखाया, फिर बच्ची ने कहा कि ये मेरी मां के कपड़े हैं. फिर पुलिस ने बच्ची के पिता और मृतका के पति को गिरफ्तार कर लिया. 

पूछताछ में आरोपी ने बताया कि 25 जून को उसने कबाड़ी के पास से 700 रुपये में ड्रम खरीदा था. 27 जून की दोपहर को घर पर कोई नहीं था. इसलिए उसने दुपट्टे से गला दबाकर पत्नी की हत्या कर दी. शव को ड्रम में उल्टा कर डाल दिया और ऊपर से सीमेंट के साथ-साथ कंक्रीट डालकर उसे पैक कर दिया. दो दिनों तक ड्रम को घर पर ही रखा. 29 तारीख को मजदूरों की मदद से उसे ठिकाने लगा दिया.