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India Daily

आपदा गई विपदा आ गई! आप सरकार में मंत्री रहे राजेंद्र पाल गौतम ने दी चौंकाने वाली प्रतिक्रिया

इसी कड़ी में आप सरकार में मंत्री रहे वकील राजेंद्र पाल गौतम ने नई सराकर पर तीखा हमला बोला है. इसके अलावा उन्होंने आप को आपदा, जबकि बीजेपी को विपदा बताया है.

Rajendra Pal Gautam
Courtesy: X

दिल्ली विधानसभा चुनाव 2025 के नतीजे अब हम सबके सामने आ चुके हैं. इस चुनाव में बीजेपी ने सभी को चौंकाते हुए 48 सीटों पर अपना कब्जा जमाया है और इसी के साथ वे दिल्ली में 27 सालों के लंबे इंतजार के बाद अपनी सरकार बनाने जा रहे हैं. इस बीच आम आदमी पार्टी की दिल्ली में हार के बाद तमाम प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं.

इसी कड़ी में आप सरकार में मंत्री रहे वकील राजेंद्र पाल गौतम ने नई सराकर पर तीखा हमला बोला है. इसके अलावा उन्होंने आप को आपदा, जबकि बीजेपी को विपदा बताया है. उनका ये बयान इस समय सुर्खियों में बना हुआ है. बता दें कि दिल्ली के सिंहासन पर इस बार भाजपा प्रचंड बहुमत के साथ सरकार बनाने जा रही है. इससे पहले ही गौतम ने उनके ऊपर हमला बोला है.

राजेंद्र पाल गौतम ने बीजेपी और आप पर बोला हमला

अपने एक्स अकाउंट पर पाल ने एक वीडियो शेयर करते हुए कहा कि " जो लोग जीत गए हैं, उनको बधाई और जो लोग चुनाव हार गए हैं, उनके लिए मैं यही कहूंगा कि वे आगे की तैयारी करें. इस चुनाव में एक ऐसी पार्टी की हार हुई है, जिसने नई तरह की राजनीति करने का लोगों से वादा किया था और भ्रष्टाचार मुक्त पॉलिटिक्स करने की बात कही थी. हालांकि, वे अपने वादे को पूरा नहीं कर सके क्योेंकि अरविंद केजरीवाल के अंदर अहंकार आ गया था."

गौतम ने आगे कहा कि "मैं यही कहूंगा कि एक तरफ जहां आपदा गई, तो दूसरी तरफ विपदा आ गई है. विपदा मैं इसलिए कह रहा हूं क्योंकि एक ऐसी पार्टी सत्ता में आई है, जो संविधान के खिलाफ काम करती है. लोगों को ये पार्टी डराती है, संवैधानिक संस्थाओं का दुरूपयोग करती है और धर्म की राजनीति करती है. अब दिल्ली की जनता को किए गए वादों को देखना होगी कि ये पार्टी पूरी करती है या नहीं. अब चुनाव में आपको पांचों साल तक जनता के बीच में जाना होगा और तभी आप चुनाव को जीत सकते हैं."

आप सरकार में रह चुके हैं मंत्री

बता दें कि राजेंद्र पाल गौतम एक वकील हैं, जो आप सरकार में मंत्री रह चुके हैं. वे दिल्ली सीमापुरी विधानसाभ सीट से विधायक थे और सितंबर 2024 में आप को छोड़ कांग्रेस का हाथ थामा था. हालांकि, इस बार के चुनाव में उन्हें करारी हार का सामना करना पड़ा है.