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India Daily

'व्हाट्सऐप से इतिहास न पढ़ें...' औरंगजेब की कब्र को लेकर बवाल के बीच राज ठाकरे की लोगों को नसीहत

राज ठाकरे ने आगामी चुनावों के लिए मराठी लोगों में एकता का अनुरोध किया है, जिसमें उन्होंने जातिगत राजनीति की आलोचना की और महाराष्ट्र व मराठी भाषा के समर्थन की मांग की है.

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Edited By: Anvi Shukla
Raj Thackeray calls for unity of Marathi manoos
Courtesy: social media

Raj Thackeray Urged Unity Among Marathi People: महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) प्रमुख राज ठाकरे ने रविवार को बीएमसी और स्थानीय निकाय चुनावों के लिए बिगुल बजाते हुए सभी मराठी लोगों से जातिवाद भुलाकर एकजुट होने का आह्वान किया. उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र और मराठी को 'दूसरों' के घेराव से बचाने के लिए यह एकजुटता जरूरी है. राज ठाकरे ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को महाराष्ट्र और मराठी लोगों के हित में काम करने की शर्त पर समर्थन देने की घोषणा भी की.

राज ठाकरे ने कहा कि जाति और धर्म के नाम पर बंटे होने के कारण मराठी लोग सरकार और राजनीतिक दलों के सामने एकजुट होकर अपनी बात नहीं रख पाते. उन्होंने तमिलनाडु का उदाहरण देते हुए कहा कि जब केंद्र सरकार हिंदी थोपने की कोशिश करती है, तो वे अपनी अस्मिता के लिए कैसे लड़ते हैं. उन्होंने कहा कि मराठी लोग आत्मसमर्पण करने वाले समाज की तरह व्यवहार करते हैं.

राज ठाकरे क्या कहना है?

राज ठाकरे ने मराठा समुदाय को एकजुट होने का आह्वान किया. उन्होंने जातिवाद की राजनीति पर निशाना साधते हुए कहा कि नेताओं ने मराठों के लिए कुछ नहीं किया. उन्होंने आरोप लगाया कि महाराष्ट्र और मराठी भाषा को 'बाहरी लोगों' ने घेर लिया है. उन्होंने मनसे कार्यकर्ताओं को बैंकों और बाद में मराठी भाषा के प्रयोग की जांच करने का आदेश दिया. राज ठाकरे ने मुख्यमंत्री फडणवीस को सशर्त समर्थन की पेशकश करते हुए कहा कि अगर वे महाराष्ट्र और मराठी के हित में काम करेंगे, तो वे उनका समर्थन करेंगे.

युवाओं से व्हाट्सएप पर इतिहास न पढ़ने का आग्रह किया

राज ठाकरे ने जाति और धर्म की राजनीति से दूर रहने की अपील की. उन्होंने कहा कि छत्रपति शिवाजी के विरोधियों के मकबरे भी मराठा वीरता के प्रतीक हैं. उन्होंने युवाओं को व्हाट्सएप के इतिहास से बचने और असली मुद्दों पर ध्यान देने को कहा. उन्होंने सरकार पर अडानी को फायदा पहुंचाने का आरोप लगाया. उन्होंने धर्म को घर तक सीमित रखने और तुर्की की तरह धर्मनिरपेक्षता अपनाने की बात कही. उन्होंने गंगा के प्रदूषण पर भी चिंता जताई.