Union Cabinet approved Waqf Amendment Bill: केंद्रीय मंत्रिमंडल ने संयुक्त संसदीय समिति (JPC) की रिपोर्ट के आधार पर वक्फ संशोधन विधेयक को मंजूरी दी है. केंद्रीय मंत्रीमंडल ने 19 फरवरी को अपनी बैठक में संयुक्त संसदीय समिति द्वारा किए गए 14 परिवर्तनों को स्वीकार किया. इस विधेयक को अगस्त में जेपीसी के पास भेजा गया था. संयुक्त संसदीय समिति ने 13 फरवरी को सदन में अपनी अंतिम रिपोर्ट पेश की थी. विपक्ष के हंगामे के बीच संसद के 2025 के बजट सत्र के दौरान यह रिपोर्ट लोकसभा और राज्यसभा दोनों में पेश की गई थी. हंगामे के चलते सदन की कार्रवाई को कार्यवाही कुछ समय के लिए स्थगित करनी पड़ी थी.
जेपीसी सदस्यों द्वारा 66 परिवर्तन प्रस्तावित किए गए, जिनमें से विपक्ष के सभी 44 प्रस्ताव खारिज कर दिए गए थे. इसके बाद विवाद हुआ था. हालांकि, भाजपा और सहयोगी दलों के 23 प्रस्ताव स्वीकार कर लिए गए. सूत्रों ने बताया कि केंद्रीय मंत्रिमंडल ने पिछले सप्ताह रिपोर्ट को मंजूरी दी थी. अब इसे 10 मार्च से शुरू होने वाले बजट सत्र के दूसरे चरण में पेश किया जा सकता है.
वक्फ विधेयक के लिए गठित की गई कमेटी के अध्यक्ष बीजेपी नेता जगदम्बिका पाल था. पेश किए गए 44 संशोधनों में से 14 खंडों में बदलाव एनडीए सदस्यों द्वारा सुझाए गए थे, जिनमें से सभी को मतदान के बाद पैनल द्वारा स्वीकार कर लिया गया था.
इस विधेयक में प्रावधान में राज्य वक्फ बोर्डों में कम से कम दो गैर-मुस्लिम सदस्यों को शामिल करना और किसी संपत्ति के वक्फ संपत्ति होने या न होने का निर्णय लेने के लिए किसी सरकारी अधिकारी द्वारा मध्यस्थता करना शामिल है. संशोधित वक्फ विधेयक को 29 जनवरी को स्वीकार किया गया था अगले दिन इसे लोकसभा में पेश किया गया था.