PM Modi Advisors Amit Khare and Tarun Kapoor: गुरुवार को जारी हुए एक सरकारी आदेश के अनुसार, पीके मिश्रा को फिर से प्रधानमंत्री मोदी का प्रधान सचिव नियुक्त किया गया है. मिश्रा के अलावा अमित खरे और तरुण कपूर को पीएम मोदी का सलाहकार नियुक्त किया गया है. दोनों का कार्यकाल 10.6.2024 से लेकर अगले दो सालों के लिए या अगले आदेश तक प्रभावी रहेगा.
पीके मिश्रा के बारे में
पीके मिश्रा प्रधानमंत्री मोदी के सबसे भरोसेमंद लोगों में गिने जाते हैं. एक बार फिर से प्रधान सचिव नियुक्त होने के बाद प्रधानमंत्री के सबसे लंबे समय तक सेवा देने वाले प्रमुख सलाहकार बन गए हैं.
कृषि सचिव के पद से रियाटर हुए 1972 बैच के अधिकारी डॉ. पीके मिश्रा पिछले एक दशक से पीएम के प्रधान सलाहकार बने हुए हैं. वह पीएम मोदी के साथ उस समय से जुड़े हुए हैं जब उन्होंने साल 2014 में पहली बार पीएम पद की शपथ ली थी.
कौन हैं अमित खरे
बता दें कि अमित खरे झारखंड कैडर के 1985 बैच के रिटायर्ड आईएएस अधिकारी हैं. वह इससे पहले भी प्रधानमंत्री मोदी के सलाहकार रह चुके हैं. वह उच्च शिक्षा सचिव के पद से रिटायर हुए थे.
Amit Khare and Tarun Kapoor appointed as Advisors to PM, in the Prime Minister's Office, in the rank and scale of Secretary to Government of India, for a period of two years with effect from 10.06.2024 or until further orders whichever is earlier, pic.twitter.com/zH9TQjplBP
— ANI (@ANI) June 13, 2024
चारा घोटाला को किया था उजागर
नई शिक्षा नीति बनाने में उनकी बड़ी भूमिका मानी जाती है. इसके अलावा बिहार में हुए 940 करोड़ रुपए के चारा घोटाले को उजागर करन में भी उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही जिसके बाद बिहार के सीएम लालू प्रसाद यादव को जेल जाना पड़ा था.
दो बार रह चुके हैं पीएम मोदी के सलाहकार
इससे पहले वह दो बार प्रधानमंत्री मोदी के सलाहकार रह चुके हैं. सबसे पहले उन्हें अक्टूबर 2021 में दो साल के लिए पीएम का सलाहकार नियुक्त किया गया था. इसके बाद अक्टूबर 2023 में उन्हें सेवा विस्तार दिया गया. अब वह लगातार तीसरी बार पीएम के सलाहकार बनने जा रहे हैं.
कौन हैं तरुण कपूर
1987 बैच के हिमाचल प्रदेश कैडर के रिटायर्ट आईएएस अधिकारी तरुण कपूर के कार्यकाल को भी विस्तार दिया गया है. इससे पहले भी वह पीएम के सलाहकार की भूमिका निभा रहे थे.
तरुण कपूर को 2 मई 2022 को पीएम का सलाहकार बनाया गया था 2 मई 2023 को कार्यकाल खत्म होने के बाद उन्हें कार्यकाल को एक सप्ताह का विस्तार दिया गया था.
पीएमओ में सलाहकार बनने से पहले उन्होंने कई अहम सरकारी पदों पर काम किया. इससे पहले वह पेट्रोलियम व प्राकृतिक गैस नियामक बोर्ट (PNGRB) के अध्यक्ष भी रहे. इसके बाद वह नवंबर 2021 में पेट्रोलियम सचिव के पद से रिटायर हुए.