Pandokhar Sarkar Dham: पंडोखर सरकार बाबा बागेश्वर महाराज की तरह यह भी पर्ची लिखकर जनता-जनार्दन की समस्याओं को दूर करने का उपाय बताते है. बाबा बागेश्वर की तरह इनके यहां भी पर्ची लगती है. इन दिनों सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर पंडोखर सरकार खूब छाए हुए है और इनके वीडियो चर्चा के केंद्र में है.
पंडोखर सरकार ने पर्चा लिखने वालों बाबाओं को चैंलेंज किया है. इसके लिए उन्होंने एक प्रतियोगिता आयोजित कराने का ऐलान किया है. उन्होंने कहा कि संपूर्ण भारत में पर्चा लिखने वाले तथाकथित बाबा लोगों को खुली चुनौती देता हूं कि 28 अप्रैल को होने वाली प्रतियोगिता में पंडोखर धाम आए. ये अहंकार और घमंड की बात नहीं. आजकल बाबा लोग हाई-फाई और पैसे के दम पर चीटर बन जाते है. मीडिया बिकी हुई है. दम है तो प्रतियोगिता में हिस्सा लें.
पंडोखर सरकार पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की तरह भक्तों के मन की बात जान लेते हैं और उसे एक पर्ची पर लिख कर देते हैं. इनके बारे में मिली जानकारी के मुताबिक पंडोखर सरकार करीब 32 सालों से भक्तों को पर्चियां लिखकर दे रहे हैं और अपने भक्तों के समस्या का समाधान बताते है.
पंडोखर सरकार का असली नाम गुरुशरण शर्मा है. वो 1992 से ही पंडोखर धाम महाराज की गद्दी पर बैठे हैं और 1999 से नियमित दरबार लगा रहे हैं. वह मूल रूप से मध्य प्रदेश के भिंड जिले के बरहा गांव के रहने वाले है. वह बचपन से ही पंडोखर धाम से जुड़े रहे और वहां की दिव्य शक्ति अर्जित की. पंडोखर धाम दतिया जिले के भांडेर तहसील के पंडोखर गांव में है. धाम में हनुमानजी का मंदिर बना हुआ है और पंडोखर सरकार का कहना है कि उनपर हनुमान जी की विशेष कृपा हैं.