पाकिस्तान खुफिया एजेंसी आईएसआई भारत के सुरक्षा अधिकारियों को हनीट्रैप का शिकार बना रहा है. आईएसआई की महिला एजेंट भारतीय महिलाओं के नाम से फेक आईडी बनाकर बड़े-बड़े अधिकारियों को टारगेट करती हैं. यह खुलासा ब्रह्मोस एयरोस्पेस प्राइवेट लिमिटेड (बीएपीएल) की नागपुर इकाई के पूर्व वैज्ञानिक निशांत अग्रवाल के बारे में अदालती दस्तावेजों से हुआ है. भारतीय दिखने वाली सेजल कपूर, आरोही आलोक, अदिति आरोन, अदिति अग्रवाल, अनामिका शर्मा, दिव्या चंदन रॉय, नेहा शर्मा और पूजा रंजन के बहकावे में कई लोग आ सकते हैं.
आईएसआई की एजेंट इंडियन नाम रखकर सेना और डिफेंस के अधिकारियों को टारगेट करती हैं. नागपुर के ब्रह्मोस एयरोस्पेस प्राइवेट लिमिटेड के वैज्ञानिक निशांत अग्रवाल हनीट्रेप में फंसे थे. उन्हें सैन्य रहस्यों को लीक करने का दोषी ठहराया गया है. उत्तर प्रदेश के आतंकवाद निरोधी दस्ते (यूपी-एटीएस) ने अक्टूबर 2018 में अग्रवाल को गिरफ्तार किया था. यूपी की मूल निवासी निशांत अग्रवाल को इस महीने की शुरुआत में नागपुर की एक अदालत ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी.
यूपी-एटीएस के जांच अधिकारी पंकज अवस्थी ने अग्रवाल के मुकदमे के दौरान अपने बयान में कहा कि चैट से पता चला कि वह एक ऐसे समूह का हिस्सा थी जो भारतीय रक्षा कर्मचारियों को धोखा देने के लिए डेटा और टिप्स साझा करता था. अवस्थी ने कहा कि चैट में से एक से पता चला कि समूह साइबर हमला करने की कोशिश कर रहा था.
पंकज अवस्थी अवस्थी के अनुसार, सेजल नाम की एक लड़की ने अग्रवाल को खुद को ब्रिटेन की एक कंपनी की रिक्रूटर के रूप में और एक पूर्व भारतीय वायुसेना कर्मचारी के रूप में मैनचेस्टर की छात्रा के रूप में पेश किया. अग्रवाल के लिए सेजल ब्रिटेन की हेस एविएशन में रिक्रूटर थी. अग्रवाल के प्रोफाइल में बताया गया था कि वह ब्रह्मोस एयरोस्पेस में सीनियर सिस्टम इंजीनियर है. वह फेसबुक पर दो अन्य व्यक्तियों नेहा शर्मा और पूजा रंजन के साथ भी दोस्त था, जिनके अकाउंट भी पाकिस्तान से सक्रिय थे.
अग्रवाल ने सेजल के साथ लिंक्ड-इन पर भी चैट की थी, जहां उसने उसे काम पर रखने में रुचि दिखाई थी. अवस्थी ने अदालत को बताया कि सेजल के निर्देश पर अग्रवाल ने उसके द्वारा भेजे गए लिंक पर क्लिक किया और 2017 में अपने निजी लैपटॉप पर तीन ऐप - क्यूव्हिस्पर, चैट टू हायर और एक्स-ट्रस्ट - इंस्टॉल किए. ये ऐप मैलवेयर थे जो अग्रवाल के लैपटॉप से डेटा चुराते थे. अवस्थी ने अदालत को बताया कि सेजल और अन्य जासूसों ने अन्य रक्षा अधिकारियों से भी संपर्क करने की कोशिश की.
लखनऊ के रहने वाले पूर्व वायुसेना अधिकारी के मामले में जांचकर्ताओं को उनके और सेजल के बीच रोमांटिक चैट का पता चला. हालांकि, अधिकारी को आरोपी के रूप में शामिल नहीं किया गया. सेजल ने इस अधिकारी को भी डेटा चुराने वाला मैलवेयर क्यूव्हिस्पर भेजा था. हालांकि, उसके निजी लैपटॉप में कोई गुप्त रिकॉर्ड या अपराध का सबूत नहीं मिला. अधिकारी ने सेजल के साथ चैटिंग की बात स्वीकार की. जांच में पता चला कि सेजल अमृतसर में एक अन्य पूर्व वायुसेना कर्मचारी के संपर्क में थी और उसने अपना मोबाइल नंबर उसके साथ साझा किया था.