महीनों पहले प्लानिंग की, पटना में डाला सेंटर लेकिन फेल हो गया मिशन, NEET पेपर लीक में नया खुलासा
NEET UG 2024: नीट परीक्षा में पेपर लीक की तैयार करीब एक साल से चल रही थी. पुलिस रिमांड के दौरान आरोपी नीतीश कुमार ने ये बात कबूली है. वहीं इस मामले में एग्जाम देने वाले कुछ स्टूडेंट्स के बयान से पता चलता है कि उन्हें पहले ही सॉल्वर गैंग ने बता दिया था कि नीट एग्जाम के फार्म में परीक्षा सेंटर पटना ही भरना है. ये सभी खुलासे बिहार EOU टीम के सूत्रों द्वारा हुई है.
नीट पेपर लीक मामले में बिहार से गिरफ्तार आरोपी नीतीश कुमार ने पुलिस रिमांड में पूछताछ में कबूला है कि NEET 2023 एग्जाम के लिए भी उसके गैंग ने कैंडिडेट्स से सेटिंग की थी, लेकिन टाइम से पेपर नहीं मिला. आरोपी नीतीश ने ये भी बताया है कि 2023 की गलती से सबक लेते हुए नीट 2024 के पेपर लीक की तैयारी एक साल से चल रही थी. वहीं इस मामले में एग्जाम देने वाले कुछ स्टूडेंट्स के बयान से पता चलता है कि पेपर लीक के लिए सेटिंग एक साल पहले से हो चुकी थी. उन्हें पहले ही बता दिया गया था कि जब नीट एग्जाम का फार्म भरें, तो उन्हें सेंटर पटना ही डालना है. ये सभी खुलासे बिहार EOU टीम की केस डायरी से हुए हैं
नीट पेपर लीक मामले में जुटी जांच टीम के सूत्रों से जो खबर निकल सामने आई है उससे पता चलता है मास्टरमाइंड संजीव मुखिया की गैंग के हाथ नीट का पेपर आ गया था, लेकिन जब तक उसे सॉल्व कर आंसर तैयार किया जाता, तब तक देर हो चुकी थी. लिहाजा, गैंग को इसका फायदा नहीं मिल सका था. हालांकि इससे पता चलता है कि 2023 में भी नीट का पेपर लीक हुआ था.
एक साल से चल रही थी पेपर लीक कराने की तैयारी
सूत्रों के मुताबिक नीट पेपर लीक के मास्टरमाइंड संजीव मुखिया गैंग से सीधे तौर पर दो आरोपी से जुड़ा था. जिसमें पहला नीतीश कुमार और दूसरा चिंटू उर्फ बलदेव था. इनकी जिम्मेदारी पटना में अभ्यर्थियों को जुटाने और सेफ हाउस में पेपर रटवाने की थी. इस लीक गैंग में नीतीश कुमार और चिंटू ही ऐसे हैं. जो संजीव मुखिया से 1 साल से ज्यादा समय से संपर्क में था. नीट पेपर के आंसर पटना या उससे बाहर तैयार किए गए. ये आंसर किसने तैयार किया, इस पर भी जांच चल रही है.
5 मई को रटवाया गया था आंसर
4 मई की देर रात यानी नीट परीक्षा से एक दिन पहले 20 से 25 छात्रों को इकट्ठा कर सेफ हाउस यानी हास्टल लाया गया. इनमें एग्जाम में शामिल होने वाली कुछ लड़कियां भी थी. हालांकि 4 मई की रात तक नीट पेपर 2024 का पेपर और आंसर सीट इन लोगों को नहीं मिल पाई थी. 5 मई की सुबह चिंटू उर्फ बलदेव के वाट्सएप नंबर पर आंसर के साथ पेपर की पीडीएफ कॉपी भेजी गई. फिर इसके कई सेट प्रिंट किए गए और पटना के बायज हास्टल में सुबह 9 बजे से 12 बजे तक आसर रटवाया गया. इसके बाद दोपहर 12 बजे से सभी कैंडिडेट्स को गाड़ियों से उनके सेंटर भेजा गया.
'फार्म में परीक्षा सेंटर पटना ही भरना...'
सभी अभ्यर्थियों को पहले ही बता दिया गया था कि फरवरी में जब नीट एग्जाम का फार्म निकलेगा तो उसे सेंटर पटना ही डालना है, यही वजह है कि कोटा में कोचिंग कर रहे स्टूडेंट्स से लेकर रांची और बलिया में रह रहे स्टूडेंट्स तक सभी ने अपना सेंटर पटना ही डाला था. सूत्रों के मुताबिक इस मामले में कई बेरोजगार युवा भी पैसों की लालच में इस गैंग के संपर्क में आए थे. नीतीश कुमार और चिंटू उर्फ बलदेव ने अपने साथ जुड़ने वाले अमित आनंद और सिकंदर यदुवेंदू समेत सभी को लीक का भरोसा दिया था.
पेपर लीक का मास्टरमाइंड कौन है?
बिहार में नीट पेपर लीक केस में अब तक कौन कौन मुख्य तौर पर इस मामले में शामिल है. इस पर नीतीश कुमार ने बताया कि संजीव सिंह यानी संजीव मुखिया की गैंग है, वही संजीव, जिसका बेटा डॉक्टर शिव कुमार है. इसके अलावा राकेश रंजन उर्फ रॉकी, पिंटू कुमार, चिंटू कुमार उर्फ बलदेव, नीतीश कुमार, अभिमन्यु और कई ब्रोकर भी शामिल है. ये सभी मिलकर NEET और BPSC समेत कई एग्जाम का पेपर लीक करा चुका है. नीतीश ने अपने बयान में बताया कि पुलिस से बचने के लिए ये लोग अक्सर इंटरनेट और वाट्सऐप काल पर ही बात करते हैं.
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