NEET में दिए गए ग्रेस मार्क रद्द, 23 जून को दोबारा परीक्षा, सुप्रीम कोर्ट ने क्या-क्या कहा? पढ़ें अहम बातें
सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि NEET के एग्जाम के नतीजे 30 जून से पहले ही जारी कर दिए जाएं. छात्रों को दिए गए सारे ग्रेस मार्क रद्द कर दिए गए हैं. 23 जून को दोबारा परीक्षा कराई जाएगी. ग्रेस अंक पाने वाले छात्रों को फिर से परीक्षा देनी होगी. नीट एग्जाम में हुई धांधली को लेकर सुप्रीम कोर्ट में कुल 3 याचिकाएं दायर हुई हैं. ग्रेस सिस्टम और एक ही केंद्र से आए टॉपरों को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं. NTA के इस फैसले पर देशभर के छात्रों में आक्रोश है.
सुप्रीम कोर्ट ने NEET UG 2024 परीक्षा में हुई कथित धांधली पर अहम फैसला सुनाया है. सुप्रीम कोर्ट ने NEET UG 2024 टेस्ट रद्द करने को लेकर दायर याचिका पर कहा है कि 1538 छात्रों को फिर से परीक्षा देनी होगी. इन छात्रों को ग्रेस मार्क दिए गए हैं, इसलिए इनके ग्रेस मार्क रद्द किए जाते हैं. सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि दोबारा परीक्षाएं 23 जून को होंगी. इस परीक्षा में ग्रेस मार्क से पास कुल 1563 छात्रों को बैठना होगा. सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि इनके नतीजे भी 30 जून तक जारी कर दिए जाएं.
सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की वैकेशन बेंच ने इस याचिका पर सुनवाई की. याचिकाकर्ताओं ने काउंसलिंग पर स्टे लगाने की अपील की थी. सुप्रीम कोर्ट नीट एग्जाम पर 3 याचिकाओं की सुनवाई की. तीनों याचिकाओं में अनियमितताओं को लेकर सवाल खड़े किए गए हैं.
याचिकाकर्ताओं ने ग्रेस मार्क के कॉन्सेप्ट पर ही सवाल खड़े किए हैं. नेशनल टेस्टिंग एजेंसी ने करीब 1500 से ज्यादा छात्रों को समय की कमी की वजह से औसतन ग्रेस मार्क दे दिया, जिसके बाद पेपर लीक को लेकर सवाल उठने लगे. एक ही सेंटर के 7 छात्रों के अंक बराबर रहे.
सुप्रीम कोर्ट में स्टूडेंट इस्लामिक ऑर्गेनाइजेशन ऑफ इंडिया (SIO) के सदस्य अब्दुल्लाह मोहम्मद फैज और डॉ. शेख रोशन मोहिद्दीन ने एक याचिका दायर की थी. याचिका में मांग की गई थी कि एग्जाम को रद्द कर दिया जाए और फिर से परीक्षाएं आयोजित कराई जाएं. याचिकाकर्ताओं का कहना है कि 718 और 719 जैसे नंबर, असंभव हैं. कुल पूर्णांक ही 719 हैं. नंबरों का फॉर्मेट ऐसा रखा गया है कि ये नंबर किसी के आ ही नहीं सकते हैं.
फैसले पर क्या बोले अलख पांडेय?
NEET-UG 2024 परीक्षा पर सुप्रीम कोर्ट में फिजिक्स वाला के CEO अलख पांडेय ने भी एक याचिका दायर की है. उन्होंने फैसले के बाद कहा, 'आज NTA ने सुप्रीम कोर्ट के सामने माना कि छात्रों को दिए गए ग्रेस मार्क्स गलत थे. वे इस बात से सहमत हैं कि इससे छात्रों में असंतोष पैदा हुआ. वे राजी हो गए हैं कि ग्रेस मार्क भी हटा देंगे. ग्रेस मार्क्स पाने वाले उन 1,563 छात्रों की दोबारा परीक्षा 23 जून को होगी. बिना ग्रेस मार्क्स के मूल स्कोर छात्रों द्वारा स्वीकार किया जाएगा. NTA ने सुप्रीम कोर्ट के सामने माना कि उनके द्वारा दिए गए ग्रेस मार्क्स गलत थे. सवाल यह है कि क्या NTA में कई बातें ऐसी हैं, जिनके बारे में धांधली सामने आई है.'