NEET 2024: नीट 2024 के परिणाम पर जारी विवाद के बीच विपक्ष लगातार सरकार पर हमलावर है और इस पूरे परीक्षा की जांच सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित कमेटी से इसकी जांच कराने की मांग कर रहा है. इस मुद्दे को लेकर रविवार को शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने बड़ा बयान देते हुए कहा कि नेशनल टेस्टिंग एजेंसी में बड़े सुधार की जरूरत है. उन्होंने कहा कि किसी भी दोषी अधिकारी को छोड़ा नहीं जाएगा. सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद 1563 छात्रों के ग्रेस मार्क्स रद्द कर दिए गए है.
रविवार को अपने लोकसभा क्षेत्र संबलपुर में मीडिया को संबोधित करते हुए उन्होंने यह बात कही. उन्होंने कहा कि नीट यूजी परीक्षा 2024 में मिस मैनेजमेंट के कुछ मामले दो जगहों से सामने आए हैं.
शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि शुरुआत में ये सूचना आई थी कि कुछ छात्रों को कम समय के चलते ग्रेस मार्क्स दिए गए थे. दो जगहों पर कुछ अनियमितताओं की भी खबर प्रकाश में आई है. मैं छात्रों और उनके पैरेंट्स को आश्वस्त करना चाहता हूं कि सरकार ने इस मुद्दे को गंभीरता से लिया है. इस परीक्षा से संबंधित सूचना हमें प्राप्त हो गई है. हम हम सभी मुद्दों को निर्णायक चरण तक ले जाएंगे."
धर्मेंद्र प्रधान ने कहा, "अगर एनटीए के अधिकारी दोषी पाए जाते हैं तो उन्हें छोड़ा नहीं जाएगा. संस्था (NTA) में बड़े पैमाने पर सुधार की जरूरत है. मैं यह साफ करना चाहता हूं कि दोषी पाए जाने पर किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा."
केंद्रीय शिक्षा मंत्री ने पहले नीट यूजी 2024 की परीक्षा का पेपर लीक नहीं हुआ है. सरकार परीक्षा के संचालन में कदाचार और अनियमितता बर्दाश्त नहीं करेगी.
रविवार को विपक्ष ने सरकार पर हमला करते हुए नीट यूजी 2024 के नतीजों को लेकर सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित कमेटी से जांच कराने की मांग की है. बिहार में कथित तौर पर पेपर लीक होने को लेकर कांग्रेस ने कहा 2.4 मिलियन छात्रों के साथ अन्याय हुआ है. उनके सपनों को कुचल दिया गया. इसके लिए सिर्फ और सिर्फ पीएम मोदी सरकार जिम्मेदार है.
- NEET का पेपर लीक हुआ
— Congress (@INCIndia) June 16, 2024
- 30 से 32 लाख रुपए में पेपर लीक किया गया
- परीक्षा से एक दिन पहले बच्चों को पेपर रटवाया गया
ये सारी बातें पेपर लीक के आरोपी ने कबूल की हैं, लेकिन मोदी सरकार के मंत्री मानने को तैयार ही नहीं कि पेपर लीक हुआ है।
देश के 24 लाख बच्चों के साथ अन्याय हुआ,… pic.twitter.com/8kWcUBfxiF
कांग्रेस ने ट्विटर पर लिखा- "नीट का पेपर 30 से 32 लाख रुपये में लीक हुआ. परीक्षा से एक दिन पहले ही बच्चों को पेपर रटवाया गया था. पेपर लीक के आरोपी ने खुद ये बातें कबूल की है. लेकिन मोदी सरकार मानने को तैयार नहीं. 24 लाख बच्चों के सपने को रौंदा गया है. इसके लिए सिर्फ मोदी सरकार ही जिम्मेदार है. हमारी मांग है कि इस मामले की जांच हो और छात्रों को न्याय मिले."