Operation Brahma: 28 फरवरी को म्यांमार में विनाशकारी भूकंप ने जमकर तबाही मचाई. पूरे देश में इमारतें गिर गईं, सड़कें फट गई और हजारों की संख्या में लोगों की मौत हुई. इसी बीच भारत ने म्यांमार की मदद करने के लिए हाथ बढ़ाया और ऑपरेशन ब्रह्मा शुरू किया था. ऑपरेशन ब्रह्मा के जरिए म्यांमार की मदद की जा रही है.
म्यांमार के मांडले शहर में ऑपरेशन ब्रह्मा के तहत मांडले शहर में भारतीय सेना के फील्ड अस्पताल ने जरूरतमंद लोगों को जरूरी ट्रीटमें देखभाल प्रदान करना जारी रखा है. 2 अप्रैल 2025 के शाम तक 145 रोगियों का इलाज किया जा चुका है. जिनमें से 34 को आगे की देखभाल के लिए भर्ती कराया गया है.
चिकित्सा दल ने 550 प्रयोगशाला जांच, 33 एक्स-रे और पांच सर्जरी की हैं, जिससे सभी मामलों के लिए सही ट्रीटमेंट सुनिश्चित किया जा रहा है. अभी तक किसी भी मरीज को छुट्टी नहीं दी गई है. अस्पताल चौबीसों घंटे सेवा लोगों को पहुंचा रहा है.
म्यांमार में भूकंप ने मचाई तबाही
म्यांमार में कल 2 अप्रैल 2025 को भी भूकंप के झटके महसूस किए गए थे. वहीं, 1 अप्रैल को दो बार भूकंप आया था. इस दिन सबसे शक्तिशाली भूकंप की तीव्रता 4.7 दर्ज की गई. राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र (NCS) के मुताबिक, पहले भूकंप की तीव्रता 4.7 थी जो भारतीय समयानुसार शाम 4 बजकर 31 मिनट पर आया को था.
यह घटना ऐसे समय में हुई है जब म्यांमार अभी भी 28 मार्च को आए भूकंप के बाद की स्थिति से उबर नहीं पाया है, जिसमें अब तक 3,000 से ज्यादा लोगों की जान जा चुकी है. भूकंप ने न सिर्फ म्यांमार में तबाही मचाई बल्कि पड़ोसी देशों में भी इसका असर महसूस किया गया, जिसके परिणामस्वरूप थाईलैंड के बैंकॉक में 30 मंजिला गगनचुंबी इमारत ढह गई.