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India Daily

AIUDF चीफ बदरुद्दीन का फिर आया अजीबोगरीब बयान, बोले- मुस्लिम IAS-IPS और डॉक्टर महिलाएं पहनें हिजाब

ऑल इंडिया यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट के अध्यक्ष मौलाना बदरुद्दीन अजमल ने कहा कि मुस्लिम महिलाओं के खुले बाल शैतान का धागा है और मेकअप शैतान का काम है.

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Edited By: Naresh Chaudhary
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हाइलाइट्स

  • डकैती, रेप, हत्या, छेड़छाड़ में मुलमानों को बताया था नंबर 1
  • मुस्लिम महिलाओं के खुले बाल और मेकअप पर कही बड़ी बात

Muslim IAS-IPS and Doctor Women Wear Hijab: अपने बयान से विवादों में रहने वाले मुस्लिम धर्मगुरु बदरुद्दीन अजमल फिर से सुर्खियों में हैं. ऑल इंडिया यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (एआईयूडीएफ) के अध्यक्ष मौलाना बदरुद्दीन अजमल एक बार फिर बड़ा विवाद खड़ा कर दिया है. उन्होंने कहा है कि आईएएस, आईपीएस और चिकित्सा क्षेत्र क्षेत्रों में काम करने वाली मुस्लिम महिलाओं को हिजाब पहनाना चाहिए. बताया गया है कि बदरुद्दीन ने बयान कल यानी 23 जनवरी को असम के करीमगंज क्षेत्र में रैली के दौरान दिया. 

खुले बाल और मेकअप को लेकर कही बड़ी बात

उन्होंने कहा कि इन क्षेत्रों में महिलाओं को अपनी मुस्लिम पहचान के लिए हिजाब पहनाना चाहिए. उन्होंने सवाल किया कि अगर मुस्लिम महिलाएं हिजाब पहनना या अपने बाल ढंकना नहीं जानती हैं, तो उन्हें मुस्लिम के रूप में कैसे पहचाना जाएगा. उन्होंने कहा कि हिजाब अनिवार्य है और मुस्लिम महिलाओं के लिए कोई विकल्प नहीं है. उन्होंने कहा कि मुस्लिम महिलाओं के खुले बाल शैतान का धागा है और मेकअप शैतान का काम है.

असम के करीमगंज में मस्जिद और कब्रिस्तान की रखी आधारशिला

उन्होंने घोषणा की कि मैंने अन्य क्षेत्रों में युवतियों को हिजाब से अपना सिर ढककर पढ़ाई के लिए जाते देखा है. वे अपनी आंखें नीची करके और सिर झुकाकर चलती हैं. बहरहाल, असम में लड़कियों को हिजाब पहनना जारी रखना चाहिए. हमारी आस्था के लिए हमें सिर पर स्कार्फ पहनना और अपने बालों को ढककर रखना जरूरी है. एक स्थानीय मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, उन्होंने करीमगंज में एक मस्जिद और कब्रिस्तान की आधारशिला रखी. बता दें कि अजमल पहले भी विवादों में रह चुके हैं. इससे पहले उन्होंने उत्तरी करीमगंज निर्वाचन क्षेत्र के शिलान्यास समारोह में लुंगी पहनने के लिए सुर्खियां बटोरी थीं, जो एक असामान्य परिधान है.

बदरुद्दीन ने पहले भी दिए हैं सनसनीखेज बयान 

पिछले साल 27 अक्टूबर को उन्होंने घोषणा की थी कि अगर उनकी पार्टी सत्ता हासिल करती है तो वह असम में बहुविवाह पर प्रतिबंध लगाने वाले प्रस्तावित कानून को रद्द कर देंगे. उन्होंने आग्रह किया था कि जिन लोगों के पास क्षमता है उन्हें दो शादी करने पर विचार करना चाहिए. मैं बुजुर्ग हूं और अपने जीवन के इस मोड़ पर दो पत्नियां रखने में असमर्थ हूं. वे (असम में हिमंत बिस्वा सरमा के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार) हमेशा सत्ता में नहीं रहेंगे. किसी समय, हम सत्ता में आएंगे और सरकार की ओर से दूसरी शादी पर लगाए गए प्रतिबंधों को खत्म कर देंगे. 

डकैती, रेप, हत्या, छेड़छाड़ में मुलमानों को बताया था नंबर 1

इससे कुछ दिन पहले उन्होंने दुख जताया था कि डकैती, रेप, हत्या, छेड़छाड़ जैसा अपराध करने के मामले में मुसलमान नंबर 1 हैं. व्यवसायी-राजनेता-मौलवी ने मुसलमानों में उच्च अपराध दर के लिए उनकी शिक्षा की कमी को जिम्मेदार ठहराया था. उन्होंने कहा था कि लूट, डकैती, रेप, लूट जैसे अपराधों में हम नंबर 1 हैं. जेल जाने में भी हम नंबर 1 हैं. हमारे बच्चों को स्कूल और कॉलेज जाने का समय नहीं मिलता, लेकिन जुआ खेलने, दूसरों को धोखा देने के लिए पर्याप्त समय मिल जाता है.