वक्फ संशोधन बिल बुधवार बुधवार को लोकसभा में पेश किया जाना है. इससे पहले बीजेपी के सहयोगी दल NDA और TDP ने व्हिप जारी किया है. उनके सांसद बिल के पक्ष में वोट करेंगे. इससे पहले संस्पेस बरकरार था.
वक्फ संशोधन बिल संसद में पेश होने से पहले राजनीतिक दलों में हलचल तेज हो गई है. जेडीयू ने अपने सभी सांसदों को 4 अप्रैल तक संसदीय कार्यवाही में अनिवार्य रूप से उपस्थित रहने के लिए व्हिप जारी किया है. इस बीच बिहार की राजधानी पटना सहित कई स्थानों पर इस बिल का विरोध शुरू हो गया है. जेडीयू नेता और पूर्व सांसद अहमद अशफाक करीम भी इस बिल के खिलाफ आवाज उठा रहे हैं.
Waqf (Amendment) Bill: The JD(U) issues a whip to its Lok Sabha MPs, asking them to ensure their presence in the House on April 2, 3, 4 and support the government stand.#WaqfBill #WaqfBoard pic.twitter.com/iD2hJxoCLe
— Press Trust of India (@PTI_News) April 1, 2025
जेडीयू की स्थिति और बयान
जेडीयू के कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा ने स्पष्ट किया कि उनकी पार्टी नहीं चाहती कि यह बिल retrospectives (पिछली तारीख) से लागू हो. उन्होंने कहा, हमारा स्टैंड स्पष्ट है कि इस बिल को पूर्ववर्ती प्रभाव से लागू नहीं होना चाहिए. दूसरी ओर, केंद्रीय मंत्री और जेडीयू के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष ललन सिंह ने सदन में ही वक्फ बिल पर अपना रुख प्रकट करने की बात कही. कांग्रेस पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा, नीतीश कुमार को किसी से सर्टिफिकेट लेने की जरूरत नहीं है.
बीजेपी ने सांसदों के लिए जारी कि व्हिप
भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने भी 2 अप्रैल को सभी लोकसभा सांसदों को सदन में मौजूद रहने का सख्त निर्देश दिया है. पार्टी ने व्हिप जारी कर सुनिश्चित किया है कि इस महत्वपूर्ण बिल पर चर्चा के दौरान कोई भी सांसद अनुपस्थित न रहे. हालांकि, कई क्षेत्रों में इस बिल का विरोध जारी है, जिससे राजनीतिक तनाव बढ़ गया है. वक्फ बिल को लेकर संसद और सड़क दोनों जगह बहस गर्म है. यह बिल देश की राजनीति में एक प्रमुख मुद्दा बनकर उभरा है और सभी की निगाहें अब संसद में होने वाली चर्चा पर टिकी हैं.