Maharashtra Politics: लोकसभा चुनाव के दौरान EVM पर सवाल खड़े होते सवाल पर ECI ने कई बार सफाई दी है. वहीं इसे अदालतों से भी क्लीन चिट मिलती रही है. हालांकि, 2024 के चुनावों के बाद मुंबई से एक वीडियो वायरल हुआ इसमें शिवसेना (शिंदे गुट) के सांसद के रिश्तेदार मतगणना केंद्र में मोबाइल चलाते दिखे. इसपर मुंबई पुलिस ने FIR भी दर्ज की. हालांकि, अब पूरे मामले में ECI ने OTP वाले आरोपों पर रुख साफ किया है.
बता दें NDA के कोटे से सांसद बने शिवसेना (एकनाथ शिंदे) नेता रवींद्र वायकर (Ravindra Waikar) के एक रिश्तेदार मतगणना केंद्र पर मोबाइल चलाने के आरोप लगे थे. इसके बाद पुलिस ने उन पर FIR दर्ज की थी. कहा जा रहा है था कि ये वो फोन है जिस पर EVM का OTP आता है.
विपक्ष के आरोपों और सोशल मीडिया में चल रही चर्चाओं को चुनाव आयोग ने सिरे से नकार दिया है. आयोग के अनुसार, EVM को अनलॉक करने के लिए किसी भी OTP की जरूर नहीं होती है. रिटर्निंग ऑफिसर वंदना सूर्यवंशी ने इलेक्शन कमीशन की ओर से प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सफाई दी है. उन्होंने कहा कि जो खबर चल रही है उसमें कोई सच्चाई नहीं है.
On the Mumbai EVM controversy, District Election Officer Mumbai Suburban District tweets, "...There is no OTP (One Time Password) on mobile for unlocking EVM as it is non-programmable and it has no wireless communication capabilities...EVMs are stand-alone devices without any… pic.twitter.com/BgTrOfDuiB
— ANI (@ANI) June 16, 2024
मामले में रिटर्निंग ऑफिसर वंदना सूर्यवंशी ने कहा कि आज आई खबर को लेकर कुछ लोगों ने ट्वीट कर रहे हैं. EVM को अनलॉक करने में OTP की जरूरत नहीं होती है. ये किसी भी अन्य डिवाइस से कनेक्ट नहीं हो सकता है. अखबार द्वारा छापी गई खबर पूरी तरह से आधारहीन है. हमने पेपर को नोटिस जारी किया है. उनके खिलाफ IPC की धारा 499 के तहत मानहानि का केस भी किया गया है.
रिटर्निंग ऑफिसर के मुताबिक, उन्होंने रिपोर्टर को समझाने की कोशिश की थी. गौरव को मोबाइल ले जाने की इजाजत आयोग की ओर से दी गई थी वो भी उनका खुद का फोन था. पुलिस के बाद हम इंटरनल जांच करेंगे या नहीं यह आगे तय किया जाएगा. फिलहाल हम कोर्ट ऑर्डर के बिना CCTV फुटेज किसी को नहीं दे सकते. EVM कोई प्रोग्राम नहीं है और न ही इसको कोई हैक कर सकता है.