महाराष्ट्र में लोकसभा चुनाव बीतते ही राज्य की महायुति गठबंधन वाली सरकार चुनावी मोड में आती दिख रही है. शिवसेना, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के गठबंधन के बावजूद एनडीए को महाराष्ट्र की 48 में से सिर्फ 17 सीटों पर जीत मिली थी. शायद यही वजह है कि यह गठबंधन विधानसभा चुनाव के लिए कई लोकलुभावन दांव खेल रहा है. पहले तो बजट में ऐलान किया गया कि महिलाओं को 1500 रुपये हर महीने दिए जाएंगे. अब राज्य सरकार ने कहा है कि उच्च शिक्षा के लिए एडमिशन कराने वाली लड़कियों की पढ़ाई फ्री में कराई जाएगी. इसका लाभ अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC), आर्थिक रूप से पिछड़ा वर्ग (EWS) और आर्थक-सामाजिक पिछड़ा वर्ग (SEBC) की लड़कियों को मिलेगा.
राज्य सरकार का कहना है कि महाराष्ट्र में महिला शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए यह फैसला लिया गया है. मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट मीटिंग के दौरान यह फैसला लिया गया कि ओबीसी, EWS और SEBC वर्ग की लड़कियों की उच्च शिक्षा फ्री हो होगी. इतना ही नहीं, अनाथ लड़के और लड़कियों की शिक्षा फ्री होगी. उन्हें ट्यूशन फी और परीक्षा फीस भी नहीं देनी होगी. हालांकि, सरकार के इस प्रयास को चुनाव से ही जोड़कर देखा जा रहा है क्योंकि महाराष्ट्र में इसी साल विधानसभा के चुनाव होने हैं.
एकनाथ शिंदे की अगुवाई वाली राज्य सरकार ने कहा है कि इस योजना के तहत 2024-25 के सत्र के लिए लगभग 906 करोड़ रुपये का खर्च आएगा. सरकार के फैसले के मुताबिक, इस योजना का लाभ उन लड़कियों को मिलेगा जो सरकार की सेंट्रलाइज्ड एडमिशन प्रोसेस के तहत वोकेशनल कोर्सेज, एडेड प्राइवेट, सेमी-एडेड प्राइवेट और नॉन-एडेड कॉलेजों में एडमिशन लेंगी. इसके अलावा, पॉलीटेक्निक, स्वायत्त सरकारी यूनिवर्सिटी और ओपन यूनिवर्सिटी में एडमिशन लेने वाली लड़िकयां भी इसकी लाभार्थी बनने के योग्य होंगी.
अगर किसी लड़की ने प्राइवेट स्वायत्त यूनिवर्सिटी या सेल्फ फंडेड यूनिवर्सिटी में या फिर मैनेजमेंट कोटा से एडमिशन लिया होगा तो उसे इस योजना का लाभ नहीं मिलेगा. EWS कोटा की लड़कियों के परिवार की सालाना आय 8 लाख रुपये से कम होनी चाहिए. जिन लड़कियों ने पहले एडमिशन लिया है और उनकी पढ़ाई चल रही है वे भी इसका फायदा ले सकेंगी.
इससे पहले, महाराष्ट्र का बजट पेश करते हुए राज्य के वित्त मंत्री और उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने माझी लाडली बहना योजना का ऐलान किया था. मध्य प्रदेश की तर्ज पर शुरू की जाने वाली इस योजना के तहत 20 से 60 साल की उम्र वाली महिलाओं को 1500 रुपये हर महीने दिए जाएंगे. उनका कहना है कि यह योजना इसी महीने से लागू हो जाएगी और सबके खाते में पैसे पहुंचने लगेंगे.
दरअसल, महाराष्ट्र में शिवसेना और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) में टूट के बावजूद एनडीए को कामयाबी नहीं मिली. वहीं, उद्धव ठाकरे, कांग्रेस और शरद पवार की तिकड़ी ने कमाल कर दिया. चुनाव के नतीजों को देखते हुए एनडीए के नेता टेंशन में हैं. ऐसे में सरकार कई ऐसी योजनाएं लेकर आ रही है जिससे वह महिला मतदाताओं पर जोर दे सके. इससे पहले, मध्य प्रदेश में देखा गया है कि बीजेपी सरकार की लाडली बहना योजना काफी काम आई. चुनाव में भी महिला मतदाताओं ने जमकर बीजेपी के पक्ष में मतदान किया था.
महाराष्ट्र में महा विकास अघाड़ी का मुकाबला करने के लिए बीजेपी और उसके गठबंधन को अभी भी कोई बड़ा मुद्दा नहीं मिल पा रहा है. वहीं सरकार चलाने की वजह से एंटी इन्कम्बेंसी भी उसी के खिलाफ हो गई है. ऐसे में वह बार-बार कोशिश कर रही है कि कुछ ऐसी योजनाएं लाई जाएं जिनके भरोसे एक बड़ा लाभार्थी वर्ग तैयार करके चुनावी फायदा लिया जा सके. हालांकि, यह कितना फायदेमंद होगा यह तो चुनाव के नतीजे ही बताएंगे.