लोकसभा स्पीकर पर JDU-TDP की राय अलग! क्या NDA की 'दरार' का फायदा उठा पाएगी INDIA?
Lok Sabha Speaker Election: सरकार के गठन के बाद अब लोकसभा स्पीकर, डिप्टी स्पीकर और नेता प्रतिपक्ष के नाम की चर्चाओं का बाजार गर्म है. ऐसे में अध्यक्ष को लेकर NDA में गहन चिंतन और मंथन का दौर चल रहा है. इस बीच JDU-TDP की अलग-अलग राय ने INDIA को एक मौका दे दिया है. इसे लेकर शिवसेना (यूबीटी) नेता संजय राउत के एक बयान ने खलबली मचा दी है.
Lok Sabha Speaker Election: सरकार का गठन होने के बाद असली माथापच्ची भारतीय जनता पार्टी के लिए अब शुरू हो गई है. कुछ दिनों बाद लोकसभा का विशेष सत्र शुरू होने जा रहा है. इसमें लोकसभा स्पीकर, डिप्टी स्पीकर और नेता प्रतिपक्ष को लेकर फैसला होना है. इसे लेकर पक्ष और विपक्ष दोनों ही अपनी-अपनी नीतियां बना रहे हैं. ऐसे में NDA के बीच स्पीकर के चुनाव को लेकर एक राय बनाने की कोशिश हो रही है लेकिन JDU-TDP की राय ने टेंशन बढ़ा दी है. अब सवाल उठता है कि क्या INDIA इसका फायदा उठा पाएगी?
लोकसभा स्पीकर के चुनाव के लिए चल रही चर्चा के बीच NDA अभी तक नाम फाइनल नहीं कर पाई है. उससे पहले शिवसेना (यूबीटी) नेता संजय राउत ने JDU-TDP की राय अपना समर्थन देने का ऐलान कर दिया है. इससे साफ है कि INDIA का प्लान NDA में आ रही किसी भी प्रकार के अनबन का फायदा उठाने का है.
क्या है JDU-TDP की राय?
स्पीकर के पद को लेकर JDU प्रवक्ता केसी त्यागी ने कहा कि स्पीकर का पद मर्यादित है. उस पर सत्तारूढ़ पार्टी का पहला हक है. INDI गठबंधन की मांग आपत्तिजनक हैं. भाजपा या NDA गठबंधन का वो पद है. हमारा मानना है कि भाजपा गठबंधन की बड़ी पार्टी है. इसलिए उसका अधिकार पहले है. हम NDA में 35 साल से हैं कभी ऐसा नहीं हुआ की BJP ने हमें तोड़ना चाहा हो.
राउत ने कहा कि अध्यक्ष का चुनाव महत्वपूर्ण है. उन्होंने आरोप लगाया कि अगर BJP के पास ये पद जाता है तो टीडीपी, जेडी(यू), चिराग पासवान तथा जयंत चौधरी को वो तोड़ देंगे. हमारा अनुभव है कि भाजपा समर्थकों को धोखा देती है. इससे पहले अशोक गहलोत ने भी दावा किया था कि BJP स्पीकर का पद लेकर जेडी(यू) और टीडीपी सांसदों की खरीद-फरोख्त करेगी.