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'वो कोई टॉम, डिक एंड हैरी नहीं...', येदियुरप्पा की गिरफ्तारी पर कोर्ट ने कुछ यूं लगाई रोक

BS Yediyurappa News: कर्नाटक हाई कोर्ट कर्नाटक से पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ बाजपा नेता बीएस येदियुरप्पा को बड़ी राहत मिली है. हाईकोर्ट ने अगली सुनवाई तक उनकी गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है. इस दौरान अदालत ने सख्ती दिखाते हुए कहा कि बीएस येदियुरप्पा पूर्व मुख्यमंत्री हैं उनके भागने की संभावना नहीं है. वो कोई टॉम, डिक या हैरी नहीं हैं कि इस तरह से वारंट जारी किया जाए.

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Edited By: India Daily Live
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Courtesy: Social Media

BS Yeddyurappa News: कर्नाटक से पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ भाजपा नेता बीएस येदियुरप्पा के मामले में आज हाईकोर्ट में सुनवाई हुई. इसमें अदालत ने उन्हें बड़ी राहत दे दी है. कर्नाटक हाई कोर्ट ने पॉक्सो (POCSO) के मामले में अगली सुनवाई तक उनकी गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है. हालांकि, येदियुरप्पा को जांच में सहयोग के लिए कहा गया है. उन्हें 17 जून को CID के सामने पेश होना होगा. अब मामले की सुनवाई दो सप्ताह बाद होगी.

बता दें बीएस येदियुरप्पा के खिलाफ एक महिला ने शिकायत दर्ज कराई थी. इसमें कहा गया था कि उन्होंने उसकी 17 साल की बेटी का यौन उत्पीड़न किया है. इसके बाद उनके खिलाफ पुलिस ने पोक्सो अधिनियम और भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 354 ए के तहत मामला दर्ज किया था. हालांकि, इन आरोपों को येदियुरप्पा ने बेबुनियाद बताया है.

कोर्ट ने दिखाई सख्ती

रिपोर्ट के अनुसार, जस्टिस एस कृष्ण दीक्षित ने सुनवाई के दौरान उनकी गिरफ्तारी पर सवाल उठाया. उन्होंने इस बात से असहमती जाहिर की जिसमें सरकार ने कहा था कि येदियुरप्पा ने 11 जून के लिए जारी नोटिस की अनदेखी कर दिल्ली का सफर किया. कोर्ट ने कहा वो पूर्व मुख्यमंत्री हैं और उनके भागने की कोई संभावना नहीं है.वह कोई टॉम, डिक या हैरी नहीं हैं. क्या आप ये कहना चाहते हैं कि वो देश छोड़कर भाग जाएंगे.

कोर्ट ने उठाया सवाल

कोर्ट ने मामले की वास्तविकता पर भी सवाल उठाया. कोर्ट ने कहा कि जिस ये सब घटित हुआ है उससे संदेह पैदा होता है. मामले में कुछ तो छिपा हुआ है. कोर्ट ने एजेंसी से कहा कि आपने उन्हें नोटिस जारी किया. इस पर उन्होंने 17 जून को पेश होने की बात कही. वो ये लिखकर भी दे रहे हैं. इसके बाद भी आप उन्हें केवल गिरफ्तार करना चाहते हैं.

सवालों का घेरा

येदियुरप्पा के कार्यालय ने आरोपों को निराधार बताया है. उनके ऑफिस से कहा गया कि मां और बेटी शिकायतें करने की आदी हैं. उन्होंने अब तक  50 से ज़्यादा शिकायत की हैं. ये मामला राजनीति से प्रेरित है. कांग्रेस की सरकार केवल उन्हें परेशान करना चाह रही है.