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कोर्ट में बयान दे रहे थे केजरीवाल और लीक हो गया था वीडियो, अब हाई कोर्ट ने लगा दी सबकी क्लास

दिल्ली हाई कोर्ट ने मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की पत्नी सुनीता केजरीवाल को अपने सोशल मीडिया अकाउंट से कोर्ट में दिए गए अरविंद केजरीवाल के बयान का वीडियो रिकॉर्डिंग हटाने का निर्देश दिया है. साथ ही, हाई कोर्ट ने सोशल मीडिया कंपनियों को भी सभी जगहों से इस वीडियो या इससे जुड़े पोस्ट को हटाने का आदेश दिया है. यह वीडियो तब का है जब अरविंद केजरीवाल ने कोर्ट में अपने बचाव में बयान दिया था.

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दिल्ली के मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी (AAP) के नेता अरविंद केजरीवाल शराब घोटाले के आरोप में तिहाड़ जेल में बंद हैं. इस बीच उनकी पत्नी सुनिता केजरीवाल की मुसीबत बढ़ गई है. दिल्ली हाई कोर्ट ने एक मामले में उनको कड़ा निर्देश दिया है. राउज एवेन्यू कोर्ट में पेशी के दौरान अरविंद केजरीवाल ने जो बयान दिया था, उसको रिकॉर्ड करके सोशल मीडिया पर शेयक किया गया था. इसी वीडियो को पोस्ट करने के आरोप में सुनीता केजरीवाल के खिलाफ एक एफआईआर दर्ज कराने की याचिका लगाई गई थी, जिसपर अब हाई कोर्ट ने एक्शन लिया है. 

खबरों के मुताबिक, सुनीता केजरीवल समेत सभी पक्षों पर नोटिस जारी किया गया है. साथ ही हाई कोर्ट ने सख्ती से पेश आते हुए सुनीता और उन सभी लोगों को अपने सोशल हैंडल से इस वीडियो को डिलीट करने को कहा है, जिन्होंने इस वीडियो को पोस्ट किया है. इस बाबत हाई कोर्ट ने सोशल मीडिया कंपनियों को भी आदेश दिया कि जिन लोगों ने इस वीडियो को रीपोस्ट किया है उसे भी डिलीट किया जाए. इस मामले की अगली सुनवाई अब 9 जुलाई को होगी.

क्या था पूरा मामला?

इस मामले में हाई कोर्ट ने वकील वैभव सिंह द्वारा दायर जनहित याचिका में सभी पक्षों को नोटिस जारी किया है, जिसमें 28 मार्च को दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल को निचली अदालत में पेश किए जाने पर कोर्ट के वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग नियमों का उल्लंघन करने के लिए कार्रवाई की मांग की गई थी. अरविंद केजरीवाल के संबोधन की ऑडियो और वीडियो रिकॉर्डिंग सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद सुनीता केजरीवाल ने इसे रीपोस्ट कर दिया था. अब दिल्ली हाई कोर्ट ने x, यूट्यूब, फेसबुक और इंस्टाग्राम को इस तरह के वीडियो सा संबंधित पोस्ट को देखकर उसे हटाने के लिए कहा है.

तिहाड़ जेल में बंद हैं अरविंद केजरीवाल

बता दें कि 21 मार्च को अरविंद केजरीवाल को ईडी ने नई आबकारी नीति घोटाले में गिरफ्तार कर लिया था, क्योंकि उन्हें प्रवर्तन निदेशालय द्वारा लगातार 9 समन भेजे गए थे लेकिन सीएम केजरीवाल ने सभी समन को नजरअंदाज कर दिया था. बाद में अरविंद केजरीवाल को सुप्रीम कोर्ट ने चुनावी कैंपेन के लिए 21 दिनों की अंतरिम जमानत दी थी, ताकि वह लोकसभा चुनाव में प्रचार कर सके. सुप्रीम कोर्ट के निर्देशानुसार उन्होंने 2 जून को तिहाड़ जेल में आत्मसमर्पण कर दिया है.