Haryana Politics: 11 मार्च को पीएम मोदी गुरुग्राम में थे. एक कार्यक्रम में पीएम मोदी ने द्वारका एक्सप्रेस समेत कई प्रोजेक्ट्स का उद्घाटन किया. कार्यक्रम में मनोहर लाल खट्टर भी शामिल थे. पीएम मोदी ने मंच से मनोहर लाल खट्टर और उनकी सरकार के कामकाज की तारीफ की. लेकिन एक दिन बाद ही भाजपा और जजपा का गठबंधन टूट गया और मनोहर लाल खट्टर को मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देना पड़ा. सवाल ये कि जिस CM की PM ने तारीफ की, आखिर उसे 24 घंटे में ही क्यों बदल दिया गया?
24 घंटे पहले यानी मंगलवार सुबह अचानक हरियाणा की राजनीति तेजी से बदलने लगी. सुबह राज्य में चल रही भाजपा और जजपा गठबंधन के बीच खटपट की खबर आई. दोपहर से पहले गठबंधन के टूटने की खबर भी आ गई. थोड़ी देर बाद मनोहर लाल समेत पूरी कैबिनेट ने राज्यपाल को अपना इस्तीफा सौंप दिया. इसके बाद राज्य के नए मुख्यमंत्री की कवायद शुरू हुई. कुछ लोगों ने कहा कि खट्टर रिपीट होंगे, लेकिन ऐसा नहीं हुआ.
भाजपा विधायक दल की बैठक में हरियाणा भाजपा चीफ और कुरुक्षेत्र से भाजपा के सांसद नायब सिंह सैनी को विधायक दल का नेता चुना गया और शाम को उन्होंने मुख्यमंत्री पद की शपथ भी ले ली. पार्टी के अंदरूनी सूत्रों के मुताबिक, बीजेपी विधायक दल की बैठक में खुद खट्टर ने सैनी के नाम का प्रस्ताव रखा.
भाजपा के अंदरूनी सूत्रों का कहना है कि 'दो कार्यकाल के बाद सीएम बदलने की पार्टी की नीति' के कारण खट्टर को चेंज किया गया है. सूत्रों ने ये भी दावा किया कि मनोहर लाल खट्टर को भाजपा आगामी लोकसभा चुनाव में हरियाणा से उम्मीदवार बनाएगी. खट्टर ने अपना पहला विधानसभा चुनाव 2014 में हरियाणा के करनाल से लड़ा था और 2019 में भी जीत हासिल की. 2014 में भाजपा ने 90 सदस्यीय विधानसभा में 47 सीटों पर जबकि 2019 में 41 सीटों पर जीत हासिल की.
हरियाणा में पार्टी की संगठनात्मक गतिविधियों में शामिल भाजपा के एक सीनियर नेता ने कहा कि खट्टर को बदलने का निर्णय दो कार्यकाल के बाद अपने मुख्यमंत्रियों को बदलने वाली पार्टी के नीति के मुताबिक था. भाजपा नेता ने कहा कि खट्टर एक अच्छे संगठनकर्ता, अच्छे प्रशासक और साफ-सुथरे व्यक्ति हैं. पार्टी को कोई शिकायत नहीं है लेकिन भाजपा की कोशिश हमेशा नए चेहरे देने और अन्य नेताओं को मौका देने की है.
गुरुग्राम में मनोहर लाल खट्टर के साथ अपने पुराने दिनों को याद करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि हम दोनों ने एक साथ लंबा सफर तय किया है. मोदी ने बताया कि कैसे वे अक्सर खट्टर की बाइक पर पिछली सीट पर बैठकर रोहतक से गुड़गांव तक यात्रा करते थे. छोटी सड़कें थीं लेकिन आज पूरा गुरुग्राम क्षेत्र एक्सप्रेसवे समेत कई प्रमुख राष्ट्रीय राजमार्गों से जुड़ा है, जो मुख्यमंत्री मनोहर लाल की प्रगतिशील मानसिकता को दर्शाता है. पीएम मोदी ने कहा कि आज मुख्यमंत्री के नेतृत्व में हर हरियाणवी का भविष्य सुरक्षित है.इसके बाद खट्टर ने भी मोदी को आश्वासन दिया कि हरियाणा के 2.82 करोड़ लोगों की ओर से, मैं आश्वस्त कर सकता हूं कि BJP हरियाणा की सभी 10 लोकसभा सीटें जीतेंगी.
जनवरी में, कल्याण लाभार्थियों के साथ अपने वीडियो इंटरैक्शन के दौरान, पीएम ने रोहतक के एक किसान से बात करते हुए, खट्टर को बहुत मजबूत आदमी बताया था. उन्होंने कहा था कि खट्टर सुनिश्चित करते हैं कि हरियाणा के लोगों को सरकार की ओर से शुरू की गई योजनाओं का लाभ मिले.
इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, भाजपा के अंदरूनी सूत्रों ने कहा कि पार्टी को लोकसभा चुनाव में सभी 10 सीटें जीतने का भरोसा है, लेकिन उसे विधानसभा चुनाव की संभावनाओं को लेकर चिंता है, जो इस साल के अंत तक होने हैं. नेता ने कहा कि किसानों का विरोध और पहलवानों का आंदोलन विधानसभा चुनाव में पार्टी की संभावनाओं को नुकसान पहुंचा सकता है. भाजपा सूत्रों ने का कि हरियाणा में लोकसभा चुनाव बीजेपी के लिए कठिन नहीं होने वाले हैं. राज्य के सभी 36 समुदाय प्रधानमंत्री मोदी से प्यार करते हैं और उनका समर्थन करते हैं.
इससे पहले पीएम मोदी ने 2021 में भी खट्टर की प्रशंसा करते हुए कहा था कि एक मुख्यमंत्री के रूप में उनकी प्रतिभा सामने आई है. वे समर्पण और नवीनता के साथ काम करते हैं, यहां तक कि केंद्र सरकार ने भी हरियाणा सरकार के कुछ कार्यक्रमों के मॉडल को अपनाया है. उस समय भी, ये अनुमान लगाया गया था कि खट्टर को बदला जा सकता है क्योंकि भाजपा ने तीन सीएम बदले थे, जिनमें से दो उत्तराखंड में और एक गुजरात में था.
झज्जर में एक कार्यक्रम में मोदी ने कहा था कि कई दशकों के बाद हरियाणा को मनोहर लाल खट्टर के रूप में पूरी ईमानदारी से काम करने वाली सरकार मिली है. ये ऐसी सरकार है जो राज्य के उज्ज्वल भविष्य के बारे में दिन-रात सोचती है. उन्होंने कहा था कि मीडिया ने इस सकारात्मक और रचनात्मक मामले पर ज्यादा ध्यान नहीं दिया था, लेकिन जब भी मूल्यांकन किया जाएगा तो यह सरकार सर्वश्रेष्ठ मानी जाएगी.
मुख्यमंत्री के रूप में मनोहर लाल खट्टर को साढ़े नौ साल से ज्यादा के कार्यकाल में कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा, खासकर कानून व्यवस्था के मामले में. 2016 में जाट आरक्षण आंदोलन हुआ था जिसमें 30 से अधिक लोगों की मौत हो गई थी, डेरा सच्चा सौदा प्रमुख राम रहीम को बलात्कार के आरोप में सीबीआई अदालत की ओर से दोषी ठहराए जाने के बाद सशस्त्र बलों और उनके अनुयायियों के बीच झड़पें हुईं, जिसमें 40 से अधिक लोगों की जान चली गई. 2018 में धार्मिक नेता रामपाल की गिरफ्तारी जिसके दौरान कम से कम छह लोगों की मौत हो गई, 2020-21 का किसानों का विरोध प्रदर्शन भी हुआ, पिछले साल नूंह में सांप्रदायिक हिंसा भी हुई. इन सभी मामलों में खट्टर सरकार ने कानून व्यवस्था को संभाला.
2019 में, खट्टर ने हरियाणा में लोकसभा चुनाव अभियान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी, जिससे भाजपा को राज्य में जीत हासिल करने में मदद मिली. 10 लोकसभा सीटों में से आठ पर भाजपा उम्मीदवारों की जीत का अंतर 3.3 लाख वोटों से अधिक था. खट्टर ने कई योजनाएं भी लॉन्च कीं. केंद्र सरकार ने दो प्रमुख योजनाओं, परिवार पहचान पत्र और स्वामित्व की सराहना की.