केरल से बीजेपी के एकलौता सांसद सुरेश गोपी ने इंदिरा गांधी की तारीफ की है. सुरेश गोपी ने पूर्व प्रधान मंत्री इंदिरा गांधी को “Mother of India” कहा है. उन्होंने करुणाकरण और मार्क्सवादी नेता ई.के. नयनार को अपना ‘‘राजनीतिक गुरु'' भी बताया. केंद्रीय मंत्री सुरेश गोपी पुनकुन्नम स्थित करुणाकरण के स्मारक ‘‘मुरली मंदिर''जाने के बाद संवाददाताओं से बात कर रहे थे. सुरेश गोपी ने करुणाकरण के बेटे एवं कांग्रेस नेता के मुरलीधरन को त्रिशूर लोकसभा क्षेत्र से हराया है.
सुरेश गोपी कि मेरे पिता का परिवार कांग्रेसी था, मेरी मां का परिवार केरल में जनसंघ के गठन तक का काम किया और मैं एसएफआई का सदस्य रहा हूं. मैं अब बीजेपी का सांसद हूं, मेरे बदलाव के पीछे की वजह राजनीतिक नहीं थी. यह भावनात्मक था. मैं भावनात्मक रूप से भी अपना जीवन जीऊंगा, जीवन के सभी वर्गों, जीवन के सभी क्षेत्रों, जीवन के सभी स्तरों को स्वीकार्य करुंगा. मेरे माता-पिता, मेरी परंपराएं, सनातन धर्म का सार- मुझे उन सभी मूल्यवान गुणों का पालन करना है.
#WATCH | Union Minister Suresh Gopi says, "Simply because my father's family was a Congress family, my mother's family worked up to the formation of Janasangh in Kerala... I was in the SFI. But the reason behind my shift was not political. It was emotional. I will live my life… pic.twitter.com/RZbyKBkpQr
— ANI (@ANI) June 16, 2024
सुरेश गोपी ने आगे कहा कि सिर्फ इसलिए कि इंदिरा गांधी कांग्रेस हैं, मैं उन्हें श्रेय देने से पीछे नहीं हट सकता. मैं उन्हें उनकी मृत्यु तक स्वतंत्रता के बाद के भारत का वास्तविक निर्माता मानता हूं. उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि पार्टी के अन्य नेताओं के प्रति उनकी प्रशंसा को उनके राजनीतिक विचार नहीं माना जा सकता है. सुरेश गोपी ने कहा की मेरी राजनीति स्पष्ट है.
सुरेश गोपी एक्टर थे. त्रिशूर से जीतने के बाद अभिनेता से नेता बने केरल के पहले लोकसभा सांसद बन गए हैं. उन्होंने सत्तारूढ़ वाम लोकतांत्रिक मोर्चा के उम्मीदवार वी.एस. सुनीलकुमार को लोकसभा चुनाव में 74,686 वोटों के अंतर से हराया.