उत्तर प्रदेश के हाथरस में 2 जुलाई को भोले बाबा के सत्संग में हुई भगदड़ में 121 लोगों की जान चली गई. मरने वालों में ज्यादातर महिलाएं हैं. कई लोग घायल भी हुए हैं. हाथरस में मची इस भगदड़ में अपनों को खोने के बावजूद सूरजपाल जाटव उर्फ भोले बाबा उर्फ नारायण साकार हरि के प्रति लोगों की आस्था कम नहीं हुई है. बाबा के कई भक्तों की आस्था अभी कायम है. भक्तों ने इस त्रासदी के लिए पुलिस और प्रशासन को जिम्मेदार ठहराया है. महिलाओं की भक्ति ऐसी है कि वे इस बाबा को मन का पति तक बता रही हैं. वे बाबा को दैवीय बता रही हैं. भक्तों को लग रहा है कि यही सूरजपाल जाटव, परमात्मा है. वे उसके घर के बाहर जाने वाली सड़क पर लोटते हैं, उसकी धूल लेते हैं और उसे प्रसाद की तरह खाते हैं.
उन्होंने कहा कि अगर भविष्य में भोले बाबा का कोई और आध्यात्मिक समागम आयोजित होता है, तो वे फिर से उसमें शामिल होंगे, उनमें से कुछ ने दावा किया कि 'बाबा में हमारी आस्था को कोई नहीं हिला सकता, जिन्हें हम मसीहा मानते हैं.' इतने बड़े हादसे के बाद भी भोले बाबा उनके लिए भगवान बना हुआ है.
इस हादसे में कासगंज के नगला खंजी गांव के सोनपाल जाटव ने अपनी पत्नी सीमा को गंवा बैठे. इसके बाद भी सोनापाल ने कहा कि उनके परिवार में बाबा के प्रति गहरी श्रद्धा आस्था थी, जिनके साथ वे दो दशकों से जुड़े थे. इस घटना में उनकी भाभी बिरमा देवी और बेटी कुसुमा घायल हो गईं. अब उनका जिला अस्पताल में इलाज चल रहा है. बिरमा देवी ने धार्मिक सभा में पुलिस सुरक्षा की कमी को जिम्मेदार ठहराया. उन्होंने कहा, 'अगर पुलिस ठीक से मौजूद होती और सुरक्षा के उपाय मजबूत होते, तो यह हादसा नहीं होता.'
इस बीच, शनिवार की सुबह आगरा के केदार नगर में भोले बाबा के घर के बाहर महिलाएं घुटने टेकती नजर आईं, जहां वे 20 साल पहले रहा करते थे. महिला ने कहा, 'बाबा को याद करना और नाराय़ण सरकार हरि की जय का नारा लगाना, सभी परेशानियों को दूर कर देता है. हाथरस की घटना हमारे भगवान के खिलाफ एक साजिश है...'
वहीं इस घटना में अपने पिता को खोने वाले अजय को भी नहीं लगता कि हादसे के लिए बाबा जिम्मेदार है. अजय का कहना है कि वे इस हादसे के लिए नारायण साकार को जिम्मेदार नहीं मानते. अजय ने कहा, इसमें परमात्मा नारायण साकार की कोई गलती नहीं है. उनको दोषी क्यों माना जाए, जो हुआ है उनके जाने के बाद हुआ, लोगों ने नियम तोड़ा तब ऐसा हुआ है. उन्होंने कुछ लोगों से कहा था कि अब घर लौट जाइए. इतनी भीड़ बढ़ाने क्यों आए हो. बाबा परमात्मा हैं, उनकी गलती हो ही नहीं सकती.