क्या बदल जाएंगे दिल्ली के इन इलाकों के नाम? भाजपा विधायक ने विधानसभा में उठाई मांग

भारतीय जनता पार्टी के आरके पुरम से विधायक अनिल शर्मा ने गुरुवार को कहा कि वह दिल्ली के मोहम्मदपुर गांव का नाम बदलकर 'माधवपुरम' रखने की कोशिश करेंगे.

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भारतीय जनता पार्टी के आरके पुरम से विधायक अनिल शर्मा ने गुरुवार को कहा कि वह दिल्ली के मोहम्मदपुर गांव का नाम बदलकर 'माधवपुरम' रखने की कोशिश करेंगे. शर्मा ने ANI से कहा, 'काफी पहले ही निगम ने माधवपुरम गांव का नाम बदलने का प्रस्ताव पारित कर दिया था.'

वह प्रस्ताव काफी समय से विधानसभा में लंबित है। अब तक आम आदमी पार्टी की सरकार थी, उन्होंने इसे कहीं दबा कर रखा होगा. अब कल मुझे इस मुद्दे पर बोलने का समय मिलेगा, क्योंकि मुझे आदरणीय स्पीकर से समय मिल गया है. मैं इस मुद्दे को विधानसभा में उठाऊंगा.

बदल जाएगा मोहम्मदपुर की नाम 

गांव का नाम बदलने के पीछे की वजह के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, 'लोगों की मांग है कि इस गांव का नाम मोहम्मदपुर की जगह माधवपुरम रखा जाना चाहिए। दिल्ली में अब भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनी है. लोगों की सरकार उसी तरह से बनती है जैसी लोगों की मांग होती है.' शर्मा ने कहा कि अगर अध्यक्ष द्वारा अवसर दिया गया तो वह फौरन औपचारिक रूप से प्रस्ताव पेश करेंगे. उन्होंने कहा, 'हम प्रस्ताव रखने की कोशिश करेंगे. अगर स्पीकर हमें कल बोलने का मौका देते हैं तो कल, अगर नहीं तो सोमवार को जैसे ही मौका मिलेगा, हम वैसे ही यह प्रस्ताव रख देंगे.'

नजफगढ़ का भी नाम बदलने की मांग 

अनिल शर्मा सत्तारूढ़ भाजपा के एकमात्र विधायक नहीं हैं जिन्होंने राष्ट्रीय राजधानी में निर्वाचन क्षेत्र या गांव का नाम बदलने का सुझाव दिया है. भाजपा विधायक नीलम पहलवान ने भी अपने निर्वाचन क्षेत्र नजफगढ़ का नाम बदलकर 'नाहरगढ़' करने का प्रस्ताव दिल्ली विधानसभा में पेश किया है.

एएनआई ने उनके हवाले से कहा, 'आप जानते हैं कि मेरा निर्वाचन क्षेत्र दिल्ली के ग्रामीण इलाकों से है और इसकी सीमा हरियाणा के तीन इलाकों से लगती है. जब मुगल शासक शाह आलम द्वितीय ने नजफगढ़ पर कब्ज़ा किया, तो इस क्षेत्र में बहुत ज़्यादा अत्याचार हुआ.' उन्होंने 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम के दौरान राजा नाहर सिंह की भूमिका के बारे में बताया.

'1857 के विद्रोह' के दौरान राजा नाहर सिंह ने लड़ाई लड़ी

पहलवान ने कहा, '1857 के विद्रोह के दौरान राजा नाहर सिंह ने लड़ाई लड़ी और नजफगढ़ क्षेत्र को दिल्ली प्रांत में शामिल कराया.' उन्होंने कहा, 'तत्कालीन सांसद प्रवेश वर्मा सहित कई प्रयासों के बावजूद, हमने नजफगढ़ का नाम बदलकर 'नाहरगढ़' करने की कोशिश की. यह बदलाव इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि नजफगढ़ के लोगों ने बहुत उत्पीड़न झेला है. यह वहां के लोगों के लिए बहुत महत्व रखता है. इस क्षेत्र के राजाओं ने अपने अस्तित्व के लिए लड़ाई लड़ी थी.'