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Red Alert: दिल्ली-NCR में हीटवेव का रेड अलर्ट, बिगड़ सकती है आपकी सेहत, समझिए क्या करें, क्या न करें

Heatwave Red Alert in Delhi: दिल्ली में आसमान से बरसती आफत कम नहीं होने वाली है. दिन तो दिन, रातों में भी भीषण गर्मी पड़ रही है. दिल्ली में रात का तापमान 40 डिग्री सेल्सियस तक रहा है. गर्मी खतरनाक स्थिति में पहंचती नजर आ रही है. मौसम विभाग ने रेड अलर्ट जारी किया है. अभी अगले दो दिनों तक मौसम से से राहत नहीं मिलने वाली है.

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Edited By: India Daily Live
Heatwave
Courtesy: Social Media

मौसम विभाग (IMD) ने दिल्ली-NCR के लिए हीटवेव का रेड अलर्ट जारी किया है. सप्ताह के शुरुआती दिनों में कोई राहत मिलती नजर नहीं आ रही है. मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि अगर लोग सावधानी नहीं बरतते हैं तो गर्मी से होने वाली बीमारियां होंगी और हीट स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाएगा. गुरुवार से पहले दिल्ली में बारिश होने के आसार नहीं बन रहे हैं. अगर अनुमान सच हुए, तभी पश्चिमी विक्षोभ की वजह से आंधी और हल्की बारिश के चलते गुरुवार को थोड़ी राहत मिल सकती है. अभी धूप में निकलना खतरनाक हो सकता है. 

मौसम विभाग के एक अधिकारी ने कहा है कि दिल्ली में तेज लेकिन शुष्क हवाएं चल रही हैं.  उत्तर-पश्चिमी ये हवाएं परेशानी पैदा कर रही हैं. रात में आंशिक रूप से बादल छाए रह रहे हैं लेकिन गर्मी कम नहीं हो रही है. अधिकारी ने कहा, 'रात में, जब हम आम तौर पर गर्मी कम पड़ती है. लेकिन हम इन पश्चिमी हवाओं का प्रकोप देख रहे हैं. बादल भी गर्मी को रोक नहीं पा रहे हैं.' मौसम विभाग के मुताबिक 20 जून तक अधिकतम तापमान में थोड़ी गिरावट देखने को मिल सकती है.


क्यों दिल्ली में दिन-रात आसमान से बरस रही आग?

मौसम वैज्ञानिकों की मानें तो मानसून की बारिश आने से एक पखवाड़े पहले, ऐसी स्थितियां बनती हैं. मानसून थोड़ा लेट हो रही है. मौसम विभाग के मुताबिक मध्य भारत के कुछ हिस्सों में पहुंचने के बाद 11 जून से मानसून आगे नहीं बढ़ा है. रविवार को, दिल्ली मौसम विभाग के मुताबिक अधिकतम तापमान 44.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है. यह इस समय के तापमान के लिए सामान्य से छह डिग्री ज्यादा है. एक दिन पहले तापमान 44.6 डिग्री सेल्सियस था.

क्या है वार्म नाइट और हीटवेव?

दिल्ली का न्यूनतम तापमान 33.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से छह डिग्री ज्यादा है. रविवार लगातार तीसरा दिन था जब 'वार्म नाइट' दर्ज की गई. जब तापमान 40 डिग्री से ज्यादा रात में भी हो तो उसे वार्म नाइट की श्रेणी में रखा गया गया है. हीटवेव तब होती है जब अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से अधिक पहुंच जाता है. यह सामान्य से 4.5 डिग्री सेल्सियस या ज्यादा होता है.

किन लोगों के लिए ज्यादा है खतरा?

मौसम विभाग के मुताबिक हीटवेव का असर हर उम्र के लोगों पर पड़ सकता है. बच्चे, गर्भवती महिलाएं और बुजुर्गों के लिए हीटवेव ज्यादा खतरनाक है. भीषण गर्मी में लोगों को डायरिया, हीट स्ट्रोक या तेज बुखार हो सकता है. 

हीट स्ट्रोक से बचने के लिए क्या करें?

आयशा हॉस्पिटल के चीफ डॉक्टर शाहिद अख्तर बताते हैं कि लू से बचने का सबसे सही तरीका है कि धूप में न निकलें. अगर बेहद जरूरी हो तभी निकलें. अगर बाहर निकल रहे हैं तो पूरे कपड़े पहनें, काला चश्मा लगाएं, टोपी और छाते का इस्तेमाल करें. लिक्विड डाइट बढ़ा दें. पानी ज्यादा पीजिए. दोपहर 12 से लेकर 3 बजे तक किसी भी कीमत पर घर से बाहर न निकलें. शराब, चाय, कॉफी और कार्बोनेटेड कोल्ड ड्रिंक से बचें. इससे शरीर डिहाइड्रेट होता है. हाई प्रोटीन डाइट न लें, बासी खाना छोड़ दें. बच्चों को बाहर लेकर न निकलें. लस्सी, ओआरएस, नींबू पानी, छाछ लाभदायक हैं, ये शरीर को हाइड्रेट करने में मदद करते हैं. अगर को ठंडा रखें, खिड़कियां बंद रखें और धूप न आने दें. अगर आपकी तबीयत जरा सी भी खराब है तो तत्काल डॉक्टर को दिखाएं.