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केजरीवाल या सिसोदिया नहीं आबकारी नीति केस में पहली बार AAP को भेजा गया समन, समझिए क्या हैं इसके मायने

ईडी की नई चार्जशीट में दिल्ली के मुख्यमंत्री और आप के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल का नाम शामिल है. दिल्ली की एक अदालत ने मंगलवार को कथित आबकारी नीति घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में प्रवर्तन निदेशालय द्वारा दायर सातवें चार्जशीट पर संज्ञान लिया है. ईडी की चार्जशीट के मुताबिक, नई आबकारी नीति बनाने के पीछे सीएम केजरीवाल, मनीष सिसोदिया और आम आदमी पार्टी के अन्य नेताओं का मकसद था कि रिश्वत के बदले साउथ लॉबी को फायदा पहुंचाया जाए.

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Edited By: India Daily Live
arvind kejriwal
Courtesy: Social Media

प्रवर्तन निदेशालय ने दिल्ली आबकारी नीति घोटाले में  आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दायर की है. इस केस में पहली बार आम आदमी पार्टी को तलब किया गया है. दिल्ली की एक अदालत ने मंगलवार को कथित आबकारी नीति घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा दायर सातवें और आठवें पूरक आरोपपत्रों पर संज्ञान लिया. आरोपपत्र के जवाब में आप ने कहा कि केंद्रीय एजेंसी भाजपा की राजनीतिक शाखा के रूप में काम कर रही है. पार्टी ने आगे दावा किया कि दो साल की जांच और 500 से अधिक छापों के बावजूद मामले में किसी भी आप नेता से एक भी रुपया बरामद नहीं हुआ है. 

ईडी की चार्जशीट के मुताबिक, नई आबकारी नीति बनाने के पीछे सीएम केजरीवाल, मनीष सिसोदिया और आम आदमी पार्टी के अन्य नेताओं का मकसद था कि रिश्वत के बदले साउथ लॉबी को फायदा पहुंचाया जाए. जांच के आधार पर विजय नायर की भूमिका का जिक्र करते हुए चार्जशीट में लिखा गया है कि विजय नायर पार्टी में किसी भी पद पर नहीं थे, लेकिन वो सिर्फ AAP नेताओं के मिडिलमैन, लाइजनर या फिर ब्रोकर के तौर पर थे. ईडी के अनुसार, चौहान कथित तौर पर 2021-2022 में गोवा विधानसभा चुनाव अभियान के लिए आप को 25.5 करोड़ रुपये ट्रांसफर करने में शामिल थे.

ईडी की चार्जशीट में क्या-क्या लगे आरोप

चार्जशीट के अनुसार, विजय नायर का काम था कि वह शराब कारोबारियों से सांठगांठ कर पॉलिसी को उनके पक्ष में बनवाए जिससे AAP नेताओं के लिए रिश्वत लेने का रास्ता साफ हो सके. 17 नवंबर 2022 को दिए गए अपने बयान में नायर ने बताया कि वो मार्च 2021 से नई शराब नीति को लेकर शराब कारोबारियों के साथ लगातार बैठक कर रहा था जबकि वह दिल्ली सरकार के आधिकारिक या राजनीतिक पद पर भी नहीं था. उसकी विज्ञापन कंपनी का काम दिल्ली सरकार के लिए PR करना था. जो AAP पार्टी में उसके रसूख और पार्टी नेताओं के साथ गहरी साठगांठ को दर्शाता है.

ईडी ने पहले आरोप लगाया था कि केजरीवाल अब रद्द कर दी गई दिल्ली आबकारी नीति के निर्माण में सीधे तौर पर शामिल थे, जिसे बड़े शराब करोबारियों को लाभ देने के मकसद से बनाया गया था.  ईडी का दावा है कि 'साउथ ग्रुप' ने  पहुंच, अनुचित लाभ, स्थापित थोक व्यापार और कई खुदरा क्षेत्रों में हिस्सेदारी हासिल की. बदले में आप नेताओं को 100 करोड़ रुपये का भुगतान किया.

राउज एवेन्यू कोर्ट ने केजरीवाल को जमानत दी थी

विशेष न्यायाधीश कावेरी बावेजा ने आरोपियों को 12 जुलाई को राउज एवेन्यू कोर्ट में पेश होने के लिए समन जारी किया है. केजरीवाल न्यायिक हिरासत में हैं. केजरीवाल को 21 मार्च को ईडी ने गिरफ्तार किया था. चुनाव प्रचार के लिए उन्हें 1 जून तक अंतरिम जनानत जी थी, उसके बाद तिहाड जेल में उन्होंने आत्मसमर्पण कर दिया था. 20 जून को उन्हें दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने जमानत दे दी थी, लेकिन ईडी ने फैसले को हाईकोर्ट मे चुनौती दी थी. 26 जून को मुख्यमंत्री को सीबीआई ने औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया.