म्यांमार भूकंप में मरने वालों की संख्या हुई 1600 के पार, भारत ने अब तक क्या सहायता भेजी?
म्यांमार में इस भीषण आपदा के जवाब में भारतीय सेना ने 'ऑपरेशन ब्रह्मा' के तहत तेजी से कार्रवाई शुरू की है. रक्षा मंत्रालय के बयान के अनुसार, शत्रुजीत ब्रिगेड मेडिकल रिस्पॉन्डर्स की 118 सदस्यीय टीम, लेफ्टिनेंट कर्नल जज्ञीत गिल के नेतृत्व में म्यांमार के लिए रवाना हो गई है.
म्यांमार में शुक्रवार को आए 7.7 तीव्रता के विनाशकारी भूकंप ने भारी तबाही मचाई है. शनिवार तक मृतकों की संख्या 1600 को पार कर गई, जबकि 3400 से अधिक लोग घायल हो गए. मांडले के निकट इस भूकंप का केंद्र था, जिसने इमारतों और बुनियादी ढांचे को ध्वस्त कर दिया. म्यांमार की सैन्य सरकार ने बताया कि चल रहे गृह युद्ध के कारण कई क्षेत्रों तक पहुंच मुश्किल है, जिससे राहत कार्यों में बाधा आ रही है. भूकंप के बाद 6.4 तीव्रता का एक झटका सहित कई आफ्टरशॉक भी दर्ज किए गए.
भारत सेना ने चलाया ऑपरेशन ब्रह्मा
म्यांमार में इस भीषण आपदा के जवाब में भारतीय सेना ने 'ऑपरेशन ब्रह्मा' के तहत तेजी से कार्रवाई शुरू की है. रक्षा मंत्रालय के बयान के अनुसार, शत्रुजीत ब्रिगेड मेडिकल रिस्पॉन्डर्स की 118 सदस्यीय टीम, लेफ्टिनेंट कर्नल जज्ञीत गिल के नेतृत्व में, म्यांमार के लिए रवाना हो गई है. यह टीम आवश्यक चिकित्सा आपूर्ति और उपकरणों के साथ सुसज्जित है. "हम एक परिवार हैं" (वसुधैव कुटुंबकम) की भावना और 'पड़ोसी पहले' नीति के तहत, यह कदम भारत की प्रतिबद्धता को दर्शाता है. विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने पुष्टि की, "आगरा से रवाना यह टीम मांडले में तत्काल चिकित्सा सहायता प्रदान करेगी."
मेडिकल ट्रीटमेंट सेंटर की स्थापना
एयरबोर्न एंजल्स टास्क फोर्स, जो आपदा क्षेत्रों में उन्नत चिकित्सा देखभाल के लिए प्रशिक्षित है, म्यांमार में 60 बिस्तरों वाला मेडिकल ट्रीटमेंट सेंटर स्थापित करेगी. यह केंद्र आघात मामलों, आपातकालीन सर्जरी और आवश्यक सेवाओं को संभालेगा, ताकि स्थानीय स्वास्थ्य प्रणाली पर दबाव कम हो. यह भूकंप एक सदी से अधिक समय में सबसे घातक साबित हुआ है, जिसमें मृतकों की संख्या अभी और बढ़ने की आशंका है.
भारत-म्यांमार सहयोग
विदेश मंत्रालय और म्यांमार के अधिकारियों के साथ समन्वय में, भारत क्षेत्र में पहला सहायता प्रदाता बनकर उभरा है. यह सहायता न केवल मानवीय मदद है, बल्कि दोनों देशों के बीच गहरे रिश्तों का प्रतीक भी है.
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