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क्या धरा रह जाएगा एंटी पेपर लीक कानून? अभी भी हैकर के रडार पर क्वेश्चन पेपर सेफ रखने वाला ब्लैक बॉक्स

Darknet Threats On NTA: डार्कनेट का खतरा बहुत ज्यादा बढ़ गया है जिसके चलते नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) मुश्किलों में है. NTA के कर्मचारी इस बात को लेकर निश्चित नहीं हैं कि वो किसी भी परीक्षा को सुरक्षित तरीके से करा पाएंगे. कुछ कर्मचारियों का कहना है कि चाहे परीक्षा कंप्यूटर पर हो या ऑफलाइन, एजेंसी को अपनी बुनियादी व्यवस्थाओं को सही करना होगा. 

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Edited By: India Daily Live
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Courtesy: Social Media

Darknet Threats On NTA: सरकार ने दो ही दिन पहले एंटी पेपर लीक कानून बनाया था जिसे देश में चल रहे NEET UGC विवाद के चलते लाया गया था। लेकिन अब NTA के अधिकारियों का कहना है, ‘ये लोग रुकने वाले नहीं हैं. डार्क वेब का इस्तेमाल आतंकवादी संगठन करते हैं. हमें यकीन नहीं है कि हमारा ब्लैक बॉक्स कितना सुरक्षित है.’ इससे साफ पता चलता है कि NTA के पास ऐसे अटैक्स को नाकाम करने की क्षमता नहीं है. हालांकि, यह बेहद जरूरी है कि इस तरह के खतरों को कम किया जाए. 

डार्कनेट के खतरे के चलते नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) पर मुश्किलों के बादल मंडरा रहे हैं. दरअसल, NTA के कर्मचारी किसी भी टेस्ट को सेफ तरीके से करने को लेकर पूरी तरह से निश्चित नहीं है. हालांकि, अभी भी एग्जाम कराने और रिजल्ट घोषित करने की उम्मीद बनी हुई है. कुछ वरिष्ठ कर्मचारियों का मानना ​​है कि एग्जाम चाहे कंप्यूटर आधारित हो या फिर ऑफलाइन, जब तक एजेंसी अपनी बुनियादी व्यवस्थाएं सही नहीं होंगे तब तक एजेंसी पर भरोसा फिर से हासिल करना मुश्किल होगा. 

नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) को तीन अहम एग्जाम रद्द करने पड़े. इसमें (NCET) 2024, UGC-NET और CSIR-UGC-NET शामिल है. एक वरिष्ठ अधिकारी का कहना है, ‘टेक्नोलॉजी और ट्रेनिंग में बड़े अपग्रेड की जरूरत है.’ साथ ही कहा कि अपकमिंग हाई- कमिटी द्वारा लाई जाने वाले नए एग्जाम प्लान्स भी पर्याप्त नहीं होंगे. उदाहरण- ITEP का कंप्यूटर बेस्ड एग्जाम रद्द करना पड़ा क्योंकि टेस्ट देने वाले लोग कम थे. हर एग्जाम फाइल करीब 5 जीबी की थी और जब इन्हें डाउनलोड किया गया है तो ये एक क्रम में न होकर ऊपर नीचे थे. 

IT डिपार्टमेंट के सूत्रों के अनुसार, CUET-UG के रिजल्ट 30 जून तक तैयार हो जाएंगे, लेकिन वो अभी भी कैंसिल या पोस्टपॉन्ड एग्जाम को फिर से कराने के बारे में निश्चित नहीं हैं. 2004 के जो ऑल इंडिया प्री-मेडिकल टेस्ट (AIPMT) पेपर लीक हुआ था उसका जिक्र करते हुए बताया गया है कि CBSE ने इस एग्जाम को एक हफ्ते के अंदर फिर से आयोजित कराया था. 

NTA के एक सूत्र ने कहा कि एजेंसी का सीक्रेसी डिपार्टमेंट, IT और एडमिनिस्ट्रेटिव स्टाफी को अब लगता है कि यह नहीं हो पाएगा. उनका कहना है कि डार्क वेब का इस्तेमाल करते हुए हैकिंग ग्रुप्स ने NTA की सिक्योरिटी को पूरी तरह से हैक कर लिया है और हैकर्स इसे लेकर और भी कुछ कर सकते हैं.