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शशि थरूर के बगावती तेवर में आई नरमी, कांग्रेस के साथ मतभेद की अफवाहों को सिरे से किया खारिज

केरल से सांसद शशि थरूर ने कहा, "आप सभी ने पॉडकास्ट सुना, विवाद किस बारे में था? मैं अभी भी विवाद को नहीं समझ पाया हूं.

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Edited By: Mayank Tiwari
केरल से कांग्रेस सांसद शशि थरूर
Courtesy: X@ShashiTharoor

कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने बुधवार (26 फरवरी) को अपने और पार्टी के बीच कथित दरार को कमतर आंकते हुए कहा कि उन्हें अभी भी 'विवाद समझ में नहीं आया है. थरूर की यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब कांग्रेस ने शुक्रवार को पार्टी प्रमुख मल्लिकार्जुन खड़गे और विपक्ष के नेता राहुल गांधी की केरल के नेताओं के साथ बैठक बुलाई है.

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, केरल से सांसद शशि थरूर ने कहा, "आप सभी ने पॉडकास्ट सुना, विवाद किस बारे में था? मैं अभी भी विवाद को नहीं समझ पाया हूं...अब जब आपने पूरा पॉडकास्ट सुन लिया है, तो क्या आप मुझे बता सकते हैं कि आपका सवाल क्या है, मुझे जवाब देने में खुशी होगी. थरूर ने मीडिया से कहा,' यह एक पॉडकास्ट है, जीवन और खुशी की खोज के बारे में 45 मिनट की बातचीत, इसमें किसी राजनीतिक विवाद के बारे में कुछ खास नहीं है.

जानिए क्या है कांग्रेस और शशि थरूर के बीच विवाद!

कांग्रेस नेता शशि थरूर ने यह भी बताया कि शुक्रवार को पार्टी की एक बैठक बुलाई गई है और उन्होंने उसमें अपनी मौजूदगी की पुष्टि की. उन्होंने कहा,"शुक्रवार को पार्टी की एक बैठक बुलाई गई है, मैं बाकी सभी के साथ वहां मौजूद रहूंगा. यह घटनाक्रम थरूर के हाल ही में एक पॉडकास्ट में आने के बाद आया है, जहां उन्होंने कहा था कि अगर कांग्रेस पार्टी को उनके नेतृत्व की जरूरत नहीं है तो उनके पास दूसरे विकल्प भी हैं.

शशि थरूर और कांग्रेस के बीच दरार की अफवाह

शशि थरूर और कांग्रेस के बीच दरार की अफवाह तब शुरू हुई जब तिरुवनंतपुरम के सांसद ने एक लेख में केरल की एलडीएफ सरकार की प्रशंसा की. उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अमेरिका यात्रा और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से उनकी मुलाकात की भी प्रशंसा की थी.

केरल कांग्रेस ने सीपीआई(एम) के नेतृत्व वाली सरकार पर उनकी टिप्पणी के लिए थरूर की आलोचना की. कथित तौर पर थरूर ने राहुल गांधी से मुलाकात की और उनसे केरल कांग्रेस में अपनी भूमिका स्पष्ट करने के लिए कहा. इसके बाद उन्होंने एक पॉडकास्ट पर अपनी उपस्थिति दर्ज कराई और अपने विकल्पों के बारे में बात की, अगर कांग्रेस को अब उनकी जरूरत नहीं है.“अगर पार्टी इसका इस्तेमाल करना चाहती है, तो मैं पार्टी के लिए वहां मौजूद रहूंगा. अगर नहीं, तो मेरे पास करने के लिए अपने काम हैं. आपको यह नहीं सोचना चाहिए कि मेरे पास कोई और विकल्प नहीं है. मेरे पास किताबें, भाषण, दुनिया भर से बातचीत करने के लिए निमंत्रण हैं.

शशि थरूर बोले- 'केरल कांग्रेस में नेतृत्व की कमी'

थरूर ने इस बात पर भी अपनी राय दी कि राज्य में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव जीतने के लिए पार्टी को क्या करना चाहिए. उन्होंने कहा कि पार्टी को ऐसे मतदाताओं को अपने साथ लाने की जरूरत है जो आम तौर पर पार्टी को वोट नहीं देते. उन्होंने कांग्रेस की केरल इकाई में 'नेतृत्व की कमी' की ओर इशारा किया.