NEET में पेपर लीक से इनकार कर रहे धर्मेंद्र प्रधान, अब बिहार पुलिस के दावे खोल रहे पोल
NEET 2024: मेडिकल कॉलेजों में एडमिशन के लिए कराई जाने वाली NEET परीक्षा इस बार शुरू से ही विवादों में आ गई है. अब बिहार पुलिस की SIT ने कहा है कि उसकी अब तक की जांच इस ओर इशारा कर रही है कि नीट का पेपर लीक हुआ था. हालांकि, अभी इसे पक्के तौर पर नहीं कहा जा सकता क्योंकि अभी भी कुछ सबूत जुटाए हैं. अभी तक बिहार की SIT ने कुल 13 लोगों को गिरफ्तार किया है. बिहार पुलिस के हाथों कुछ ऐसे सबूत भी लगे हैं जो पेपर लीक का संकेत दे रहे हैं.
NEET-UG 2024 की परीक्षा को लेकर हर दिन नए खुलासे हो रहे हैं. सुप्रीम कोर्ट के उन 1563 बच्चों की परीक्षा फिर से लेने का आदेश दे दिया है, जिनको ग्रेस मार्क दिए गए थे. कोर्ट ने नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) से जवाब भी मांगा है. इस बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान बार-बार कह रहे हैं कि कोई पेपर लीक नहीं हुआ है. इसी बीच बिहार पुलिस की जांच में कुछ ऐसा सामने आया है जिसे सुनकर धर्मेंद्र प्रधान भी हैरान रह जाएंगे. NEET के मामले की जांच कर रही बिहार पुलिस ने कहा है कि इस बात की पूरी संभावना है कि पेपर लीक हुआ था. इस मामले में लगातार मांग की जा रही है कि NEET पेपर लीक के आरोपों की जांच सीबीआई या अन्य केंद्रीय एजेंसियों से करवाई जाए.
इस साल 5 मई को हुई नीट-UG परीक्षा का पेपर लीक होने के आरोपों की जांच बिहार की इकोनॉमिक ऑफेंस यूनिट (EOU) कर रही है. अब इसी EOU ने कहा है कि उसकी जांच इशारा कर रही है कि पेपर लीक हुआ था.इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, EOU के एडीजीपी एन एस खान ने NEET परीक्षा कराने वाली NTA के सामने कुछ सवाल भी रखे थे. उन्होंने कहा, 'हमने NTA से कुछ सवाल पूछे थे जिनके जवाब हमें मिल गए हैं. अब हमने कुछ फॉलोअप सवाल भी पूछे हैं. हमें अपनी जांच के दौरान कुछ ऐसे कॉन्टैक्ट मिले हैं जो साफ-साफ दिखा रहे हैं कि पेपर लीक हुआ था.'
'अब तक मिले सबूत कर रहे हैं इशारा'
वहीं, दूसरी तरफ धर्मेंद्र प्रधान बार-बार कह रहे हैं कि पेपर लीक नहीं हुआ था. बता दें कि 5 मई को देश के लगभग 4500 सेंटरों पर NEET-UG परीक्षा कराई गई थी. इस परीक्षा के आधार पर ही देश के मेडिकल कॉलेजों में एडमिशन मिलता है. धर्मेंद्र प्रधान का यह भी कहना है कि अगर कोई दोषी पाया जाता है तो उसे छोड़ा नहीं जाएगा. जांच में जुटी EOU का कहना है कि एडमिट कार्ट, पुरानी डेट के चेक और कई कैंडिडेट के सर्टिफिकेट इशारा कर रहे हैं कि यह कई राज्यों में फैला हुआ एक ऑर्गनाइज्ड गैंग का काम है.
ए़डीजीपी खान ने कहा, 'हमारी SIT अब कोशिश कर रही है कि सबूतों के आधार पर इसकी पुष्टि की जा सके. हमें यह साबित करना है कि पेपर और आंसर शीट किसे और कहां से मिले और ये फिर से एग्जाम सेंटर तक कैसे पहुंचे.' बता दें कि 8 सदस्यों वाली इस SIT की अगुवाई EOU के एसपी (प्रशासन) मदन कुमार आनंद कर रहे हैं. सूत्रों के मुताबिक, EOU को कई पुराने चेक भी मिले हैं जो दर्शाते हैं कि इस गैंग को किस तरह से पैसे दिए जा रहे थे. साथ ही, पेपर जलाए जाने के सबूत भी मिले हैं. हालांकि, अभी तक स्पष्ट सबूत नहीं मिले हैं जो साबित कर सकें कि पेपर लीक हुआ था.
अब तक गिरफ्तार हुए कुल 13 लोगों में से 4 लोग ऐसे हैं जिन्होंने NEET की परीक्षा दी थी. बाकी के लोग गैंग के सदस्य और बच्चों के पैरेंट्स हैं. आरोप है कि इस गैंग ने 35 बच्चों को पेपर से पहले ही इकट्ठा किया था और एक मॉक टेस्ट करवाया था. यह भी कहा जा रहा है कि इसी मॉक टेस्ट में उन्हें पेपर और आंसर शीट दी गई थी. जहां यह मॉक टेस्ट करवाया गया, उसी स्कूल में जले हुए पेपर के बचे हिस्से भी मिले हैं.
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