Waqf Amendment Bill: लोकसभा में बुधवार दोपहर 12 बजे वक्फ (संशोधन) विधेयक पेश किए जाने की संभावना है. संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने सोमवार को विधेयक को लेकर सरकार के रुख को जायज़ ठहराते हुए कहा कि यह पूरी तरह संवैधानिक है और सदस्यों से इस पर खुलकर बहस में भाग लेने की अपील की.
बता दें कि रिजिजू ने दावा किया कि विपक्ष इस विधेयक को लेकर मुसलमानों को भ्रामक बातें बताकर डराने की कोशिश कर रहा है. उन्होंने कहा, ''विपक्ष अफवाह फैला रहा है कि वक्फ संशोधन विधेयक आने के बाद मस्जिदें, कब्रिस्तान और जमीनें जब्त कर ली जाएंगी. यही अफवाहें सीएए के दौरान भी फैलाई गई थीं, लेकिन एक साल बाद भी किसी की नागरिकता नहीं छीनी गई.''
BJP issues whip to all Lok Sabha MPs to be present in Parliament tomorrow, 2nd April.
— ANI (@ANI) April 1, 2025
On 2nd April, Waqf Amendment Bill will be introduced for consideration and passing. pic.twitter.com/8coAnUDpyg
अमित शाह का बयान
वहीं केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने 28 मार्च को कहा था कि वक्फ संशोधन विधेयक को चालू बजट सत्र में ही फिर से पेश किया जाएगा. उन्होंने आश्वासन दिया, ''इस विधेयक से किसी को डरने की जरूरत नहीं है, मोदी सरकार संविधान के दायरे में रहकर संशोधन कर रही है. विपक्ष झूठ पर झूठ बोल रहा है और बेवजह डर का माहौल बना रहा है.''
विधेयक का विरोध तेज
बताते चले कि यह विधेयक अगस्त 2024 में संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) के पास भेजा गया था. इस महीने की शुरुआत में 655 पन्नों की रिपोर्ट संसद में पेश की गई, जिसके बाद विपक्ष और मुस्लिम संगठनों ने इस पर तीखी प्रतिक्रिया दी.
कांग्रेस सांसद मोहम्मद जावेद ने शुक्रवार को भाजपा सरकार पर हमला बोलते हुए कहा, ''यह विधेयक देश को धीरे-धीरे गृहयुद्ध की ओर धकेल रहा है.'' वहीं एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी भी विधेयक के खिलाफ मुखर रहे हैं. उन्होंने कहा, ''प्रधानमंत्री मोदी इस विधेयक के जरिए हमारी मस्जिदों और दरगाहों को निशाना बना रहे हैं. यह हमारे सीने पर गोली चलाने जैसा है.''
क्या होगा आगे?
बहरहाल, विधेयक को लेकर संसद में तीखी बहस होने की संभावना है. सरकार इसे पास कराने के लिए पूरी तरह तैयार है, वहीं विपक्ष इसे मुस्लिम समुदाय के खिलाफ साजिश करार दे रहा है. अब देखना होगा कि संसद में इस पर क्या रुख अपनाया जाता है.