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India Daily

कांग्रेस के पाप कम हो जाते, अगर अयोध्या..., राम मंदिर का न्योता ठुकराने पर CM हिमंता ने बोला हमला

कांग्रेस की ओर से जारी एक बयान में कहा गया था कि धर्म एक व्यक्तिगत मामला है, लेकिन आरएसएस और भाजपा ने लंबे समय से अयोध्या में मंदिर का राजनीतिक प्रोजेक्ट तैयार किया है.

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Edited By: Naresh Chaudhary
CM Himanta Biswa Sarma, Ram Mandir inauguration, Congress

हाइलाइट्स

  • 2024 के चुनाव में भी भाजपा के लिए राम मंदिर रहेगा बड़ा मुद्दा
  • कांग्रेस ने भाजपा-आरएसएस पर लगाया चुनावी लाभ लेने का आरोप

Assam CM Himanta Biswa Sarma Tont on Congress: अयोध्या में राम मंदिर के उद्घाटन की तारीख जैसे-जैसे नजदीक आ रही है, वैसे-वैसे भाजपा और कांग्रेस समेत अन्य विपक्षी दलों में राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो रही है. असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने 22 जनवरी को राम मंदिर उद्घाटन समारोह में शामिल होने से इनकार करने पर कांग्रेस पार्टी को घेरा है. उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा कि कांग्रेस ने अपने पापों को कम करने का एक सुनहरा मौका गंवा दिया है. साथ ही उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी राम मंदिर न्योते की हकदार भी नहीं है.

असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने कहा कि विहिप ने श्री राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव में शामिल होने का निमंत्रण देकर कांग्रेस पार्टी को अपने पाप कम करने का एक सुनहरा मौका दिया था. हालांकि, मेरी विनम्र राय में वे पहले स्थान पर इस तरह के निमंत्रण के लायक नहीं हैं, क्योंकि उनके विचार शुरू से ही राम मंदिर के खिलाफ रहे हैं. 

कांग्रेस पार्टी ने भाजपा और आरएसएस पर लगाया था चुनावी लाभ लेने का आरोप

जानकारी के मुताबिक कांग्रेस पार्टी ने बुधवार को राम मंदिर उद्घाटन को आरएसएस और भाजपा का कार्यक्रम कहा था. साथ ही भारतीय जनता पार्टी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ पर चुनावी लाभ लेने के लिए इस कार्यक्रम को एक राजनीतिक परियोजना बनाने का आरोप भी लगाया था. कांग्रेस की ओर से जारी एक बयान में कहा गया था कि धर्म एक व्यक्तिगत मामला है, लेकिन आरएसएस और भाजपा ने लंबे समय से अयोध्या में मंदिर का राजनीतिक प्रोजेक्ट तैयार किया है. उन्होंने कहा कि भाजपा और आरएसएस की ओर से अधूरे मंदिर का उद्घाटन स्पष्ट रूप से चुनावी लाभ के लिए किया गया है. 

सोमनाथ मंदिर पुनर्निर्माण और नेहरू का भी किया जिक्र 

सीएम हिमंता बिस्वा सरमा ने कहा कि कांग्रेस न्योते को स्वीकार करके हिंदू समुदाय से माफी मांग सकती थी. इस दौरान सीएम सरमा ने सोमनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण के समय का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि जैसा पंडित नेहरू ने सोमनाथ मंदिर के साथ किया था, वैसे ही अब कांग्रेस नेतृत्व ने राम मंदिर के साथ किया है. अब इतिहास कांग्रेस को हिंदू विरोधी पार्टी के रूप में ही जानेगा. 

2024 के चुनाव में भी भाजपा के लिए राम मंदिर रहेगा बड़ा मुद्दा

बता दें कि कांग्रेस पार्टी की घोषणा ने कई दिनों से चली आ रही अटकलों को समाप्त कर दिया है कि पार्टी के नेता राम मंदिर उद्घाटन समारोह में शामिल होंगे या नहीं? राजनीति के जानकारों का कहना है कि राम मंदिर दशकों से भाजपा के चुनावी घोषणापत्र का हिस्सा रहा है. 2024 के चुनाव अभियान में भी भाजपा के लिए यह एक प्रमुख मुद्दा रहने की उम्मीद है. बताया गया है कि पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) के महासचिव सीताराम येचुरी भी न्योता अस्वीकार करने वालों में शामिल हैं.