कुलगाम जिले में दो मुठभेड़ों में मरने वालों की संख्या बढ़कर आठ हो गई है. सुरक्षा बलों ने दो और आतंकवादियों के शव बरामद किए हैं. मुठभेड़ में दो जवान भी बलिदान हो गए. इलाके में शांति बहाल करने के लिए आतंकवाद विरोधी अभियान जारी है. मोदरगाम और चिन्नीगाम गांवों में शनिवार को शुरू हुई मुठभेड़ों में सुरक्षा बलों और आतंकवादियों के बीच भीषण लड़ाई देखी गई है. जम्मू-कश्मीर में हाल के महीनों में आतंकवादी गतिविधियों में वृद्धि देखी गई है.
सेना के अधिकारियों ने बताया कि कुलगाम जिले में रविवार को हुई मुठभेड़ों में मरने वालों की संख्या बढ़कर आठ हो गई है, क्योंकि सुरक्षा बलों ने दो और आतंकवादियों के शव बरामद किए हैं. दोनों मुठभेड़ें एक दूसरे से करीब 12 किलोमीटर दूर इन दो गांवों में आतंकवादियों के छिपे होने की सूचना के बाद शुरू हुईं. अधिकारियों ने कहा मोदेरगाम मुठभेड़ स्थल से दो आतंकवादियों के शव बरामद किए गए, जबकि चिन्नीगाम स्थल से चार आतंकवादियों के शव बरामद किए गए. दुखद बात यह है कि इस अभियान के दौरान एक विशिष्ट पैरा कमांडो सहित सेना के दो जवान शहीद हो गए. अंतिम रिपोर्ट के समय आतंकवाद विरोधी अभियान अभी भी जारी था.
एडीजीपी आनंद जैन ने कहा कि जून में जम्मू-कश्मीर के डोडा जिले के गंडोह, भद्रवाह सेक्टर में सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ में तीन आतंकवादियों को मार गिराया गया था. आतंकवादियों के खिलाफ यह अभियान ऐसे दिन हो रहा है जब खराब मौसम के कारण अमरनाथ यात्रा स्थगित कर दी गई है.
पहली मुठभेड़ मोदरगाम गांव में हुई, जहां पैरा कमांडो लांस नायक प्रदीप नैन कार्रवाई में शहीद हो गए. वहीं दूसरी मुठभेड़ फ्रिसल चिनिगाम गांव में हुई, जब सुरक्षा बलों को इलाके में संभावित लश्कर-ए-तैयबा के आतंकवादियों के बारे में सूचना मिली. गोलीबारी के दौरान राष्ट्रीय राइफल्स के हवलदार राज कुमार शहीद हो गए.
जम्मू-कश्मीर के कुलगाम आतंकियों को सुरक्षित ठिकाना बन गया है. पिछले दिनों यहां कई बार आतंकियों और सुरक्षा बलों के बीच मुठभेड़ हुए. 6 मई को रेडवानी पाइन इलाके में मुठभेड़ हुआ. लश्कर के ठिकाने की मौजूदगी के बारे में एक खुफिया इनपुट के आधार पर संयुक्त बल इलाके में पहुंचे थे और तलाशी अभियान चलाया था. इससे पहले जम्मू-कश्मीर के पुंछ जिले में 4 मई को आतंकवादियों ने भारतीय वायु सेना (IAF) के काफिले पर घात लगाकर हमला किया था. सुरक्षा अधिकारियों की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक इस हमले में IAF का 1 जवान शहीद हो गया था, जबकि 4 अन्य घायल हो गए थे.