आंध्र प्रदेश सरकार ने एक आधिकारिक आदेश में 31 मार्च को ईद-उल-फित्र के उत्सव के बाद 1 अप्रैल को वैकल्पिक अवकाश घोषित किया. इस संबंध में मुख्य सचिव के. विजयानंद ने सोमवार को सरकारी आदेश संख्या 637 के माध्यम से घोषणा की. राज्य वक्फ बोर्ड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी की रिपोर्ट के आधार पर, मुख्य सचिव ने 1 अप्रैल, मंगलवार को वैकल्पिक अवकाश घोषित किया, क्योंकि यह ईद-उल-फित्र (रमजान) उत्सव के अगले दिन पड़ता है. यह कदम राज्य सरकार के उस प्रयास का हिस्सा है, जो रमजान के पवित्र महीने के समापन पर ईद-उल-फित्र के उत्सव को सम्मान देता है.
देशभर में ईद-उल-फित्र की धूम
ईद-उल-फित्र के उत्सव ने पूरे देश में खुशी और एकजुटता का माहौल पैदा कर दिया है. परिवार और समुदाय रमजान के अंत को चिह्नित करने के लिए एक साथ आए हैं. गर्मजोशी भरे आलिंगन, ईद की शुभकामनाओं का आदान-प्रदान और मिठाइयों व पारंपरिक व्यंजनों को बांटने के साथ यह दिन एकता की संक्रामक भावना के साथ शुरू हुआ. दिल्ली, मुंबई, चेन्नई और कोलकाता जैसे शहरों में लोग नए कपड़े पहने और दिल खोलकर मुस्कुराते नजर आए. सड़कों और घरों को उत्सव की सजावट से सजाया गया, जबकि बिरयानी, कबाब, सेवई, खीर और शीर खुरमा जैसे व्यंजनों की खुशबू हवा में फैल गई.
बच्चों से लेकर बड़ों तक उत्साह
सुबह की नमाज अदा करने के बाद एक बच्चे ने एएनआई से कहा, “हम माता-पिता और दोस्तों के साथ ईद मना रहे हैं, सभी खुश हैं... लोग जो भी ईदी देते हैं, हम उसे खुशी-खुशी लेते हैं.” लोग मस्जिदों और नमाज स्थलों पर एकत्र हुए और परिवार व दोस्तों के साथ उत्सव मनाया. ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के सदस्य खालिद रशीद फरंगी महली ने कहा, “ईद-उल-फित्र पूरे देश में सकारात्मक माहौल में मनाई जा रही है. मैं ईद के अवसर पर हार्दिक बधाई देता हूं. मैं सभी नमाजियों से अपील करता हूं कि हम इस्लामिक सेंटर ऑफ इंडिया द्वारा जारी उत्सव संबंधी सलाह का पालन करें... किसी को सड़कों पर नमाज नहीं पढ़नी चाहिए.”
ग्रामीण क्षेत्रों में भी उत्साह
ग्रामीण इलाकों में छोटे समारोहों और पारिवारिक भोज ने भी उत्साह का माहौल बनाया. यहां ईद की भावना को दान, जकात और देने की भावना के जरिए मनाया गया.