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Waqf Amendment Bil: BJP अध्यक्ष के मुद्दे पर अखिलेश की चुटकी, अमित शाह मजाकिया लहजे में दिया करारा जवाब

Waqf Amendment Bil 2025: अखिलेश यादव ने वक्फ संशोधन विधेयक पर चर्चा के दौरान एनडीए सरकार पर कटाक्ष करते हुए कहा कि बीजेपी अपने अध्यक्ष का चुनाव नहीं कर पाई है. वहीं अमित शाह ने जवाब दिया कि पार्टी में लाखों कार्यकर्ताओं से रायशुमारी करनी होती है

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Waqf Amendment Bil 2025: लोकसभा में वक्फ संशोधन विधेयक पर चर्चा के दौरान समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के बीच दिलचस्प नोकझोंक देखने को मिली. अखिलेश ने मुस्कुराते हुए बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव में देरी पर सवाल उठाया, जिसका अमित शाह ने उसी अंदाज में जवाब दिया.

अखिलेश यादव का तंज - 'सबसे बड़ी पार्टी, लेकिन अध्यक्ष नहीं चुना!'

विधेयक पर बहस के दौरान अखिलेश यादव ने बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा, ''इतनी बड़ी पार्टी है, लेकिन अब तक अपने अध्यक्ष का चुनाव नहीं कर पाई!'' उनकी यह टिप्पणी सुनकर सदन में ठहाके लगे और माहौल हल्का हो गया.

अमित शाह ने दिया करारा जवाब 

अखिलेश के सवाल का जवाब देते हुए अमित शाह ने भी हंसते हुए कहा, ''चूंकि आपने मुस्कुराकर सवाल किया है, तो मैं भी मुस्कुराकर ही जवाब दूंगा. देखिए, यहां जितनी पार्टियां बैठी हैं, उनमें अध्यक्ष चुनने का तरीका सीधा है - परिवार का कोई सदस्य ही अध्यक्ष बन जाता है. लेकिन हमारी पार्टी में लाखों कार्यकर्ताओं से राय ली जाती है, इसलिए समय लगता है.''

वहीं आगे शाह ने आगे तंज कसते हुए कहा, ''आपके यहां तो पांच लोग मिलकर अध्यक्ष चुन लेते हैं, इसलिए इतनी जल्दी हो जाती है. वैसे, अखिलेश जी, आप तो अगले 25 साल तक पार्टी अध्यक्ष बने रहेंगे!'' इस पर अखिलेश यादव भी मुस्कुरा दिए और अमित शाह की बात का अभिवादन किया.

वक्फ बिल पर भी साधा निशाना

इसके अलावा, अखिलेश यादव ने वक्फ संशोधन विधेयक पर चर्चा करते हुए बीजेपी पर तंज कसा कि यह बिल जनता का ध्यान भटकाने के लिए लाया गया है. उन्होंने कहा, ''बीजेपी में मुकाबला इस बात का है कि सबसे खराब हिंदू कौन है.''

उन्होंने आगे नोटबंदी, महंगाई और बेरोजगारी का मुद्दा उठाते हुए कहा कि, ''नोटबंदी को लेकर आधी रात को बड़ा फैसला लिया गया, लेकिन अब तक इसका क्या नतीजा निकला? अभी भी काला धन निकल रहा है. किसानों की आय दोगुनी करने का वादा किया था, वह क्या हुआ? महंगाई और बेरोजगारी की भी नाकामी छिपाई जा रही है.''

क्या बोले नेटिजन्स?

बहरहाल, अखिलेश और अमित शाह के इस मजाकिया अंदाज वाली बहस पर सोशल मीडिया पर भी खूब प्रतिक्रियाएं आ रही हैं. कुछ लोगों ने इसे लोकतंत्र की खूबसूरती बताया, तो कुछ ने बीजेपी और सपा दोनों पर तंज कसा.