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'AI को सुरक्षित बनाना होगा', PM मोदी ने उठाया टेक मोनोपोली का मुद्दा, पढें G7 की 5 बड़ी बातें

प्रधानमंत्री मोदी ने इटली में जी-7 शिखर सम्मेलन के दौरान फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों, ब्रिटेन के प्रधानमंत्री ऋषि सुनक और यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोडिमिर ज़ेलेंस्की सहित विश्व नेताओं के साथ द्विपक्षीय बैठकें कीं. पीएम मोदी ने कहा कि 21वीं सदी टेक्नोलॉजी की सदी है. मानव जीवन का शायद ही कोई ऐसा पहलू होगा जो टेक्नोलॉजी के प्रभाव से वंचित हो.

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Edited By: India Daily Live
PM Modi
Courtesy: SociaL Media

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शुक्रवार को इटली में चल रहे जी-7 शिखर सम्मेलन के आउटरीच सत्र को संबोधित किया. अपने भाषण में उन्होंने तकनीकी प्रगति, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और ग्लोबल साउथ में भारत की भूमिका को लेकर बात रखी. उन्होंने समाज के सभी वर्गों तक तकनीक की पहुंच सुनिश्चित करके इसके लोकतंत्रीकरण की आवश्यकता पर बल दिया.

पीएम मोदी ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और इनर्जी, अफ्रीका और भूमध्य सागर पर आयोजित सत्र में बोलते हुए कहा, हमें सामूहिक रूप से यह सुनिश्चित करना होगा कि तकनीत का लाभ सभी वर्गों तक पहुंचे, समाज के प्रत्येक व्यक्ति की क्षमता को उजागर किया जाए, सामाजिक असमानताओं को दूर करने में मदद मिले और मानव क्षमताओं को सीमित करने के बजाय उनका विस्तार किया जाए. यह न केवल हमारी इच्छा होनी चाहिए बल्कि हमारी जिम्मेदारी भी होनी चाहिए. प्रधानमंत्री ने जोर देकर कहा कि भारत आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर राष्ट्रीय रणनीति तैयार करने वाले पहले कुछ देशों में शामिल है. इसी स्ट्रेटेजी के आधार पर हमने इस वर्ष एआई मिशन लॉन्च किया है.

G7 सम्मेलन की बढ़ी बातें

  • पीएम मोदी ने कहा कि 21वीं सदी टेक्नोलॉजी की सदी है. मानव जीवन का शायद ही कोई ऐसा पहलू होगा जो टेक्नोलॉजी के प्रभाव से वंचित हो. तकनीत से एक तरफ मानव चांद पर पहुंच गया, वहीं दूसरी तरफ साइबर सिक्योरिटी जैसी चुनौतियां भी पैदा हो रही है. हमें मिलकर यह सुनिश्चित करना होगा कि टेक्नोलॉजी का लाभ सभी वर्गों तक पहुंचे. यह केवल हमारी अभिलाषा नहीं, हमारा दायित्व होना चाहिए. 
  • पीएम मोदी ने कहा कि पिछले वर्ष भारत की मेज़बानी में की गई G-20 समिट के दौरान हमने A.I. के क्षेत्र में इंटरनेशनल गवर्नेंस के महत्व पर बल दिया. आने वाले समय में इसे और पारदर्शी, सुरक्षित और सुलभ बनाने के लिए सभी देशों को साथ मिलकर काम करना होगा. 
  • जलवायु परिवर्तन से निपटने के मुद्दे पर प्रधानमंत्री मोदी ने जोर देकर कहा कि भारत समय से पहले सीओपी के तहत की गई सभी प्रतिबद्धताओं को पूरा करने वाला पहला देश है. उन्होंने कहा कि "हम 2070 तक नेट जीरो के लक्ष्य को प्राप्त करने की अपनी प्रतिबद्धता को पूरा करने के लिए हर संभव प्रयास कर रहे हैं".
  • प्रधानमंत्री मोदी ने लोकसभा चुनावों का जिक्र करते हुए कहा 'तकनीक के व्यापक इस्तेमाल से पूरी चुनावी प्रक्रिया निष्पक्ष और पारदर्शी बनी है. तीसरी बार सत्ता में वापसी का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा यह पूरे लोकतांत्रिक विश्व की जीत है.'
  • इससे पहले आज प्रधानमंत्री ने कार्यक्रम के दौरान विश्व नेताओं के साथ अलग-अलग द्विपक्षीय बैठकें कीं. प्रधानमंत्री मोदी ने फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों, ब्रिटेन के प्रधानमंत्री ऋषि सुनक और यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर ज़ेलेंस्की से मुलाकात की. प्रधानमंत्री मोदी ने कार्यक्रम स्थल पर पोप फ्रांसिस का स्वागत किया. उन्होंने पोप को भारत आने का निमंत्रण दिया. 
  • प्रधानमंत्री मोदी और ज़ेलेंस्की ने "द्विपक्षीय संबंधों की समीक्षा की और यूक्रेन की स्थिति पर बात की. प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत बातचीत और कूटनीति के माध्यम से संघर्ष के शांतिपूर्ण समाधान को प्रोत्साहित करना जारी रखेगा. 
  • G-7 की अहम बैठक में जब पीएम मोदी विशेष अतिथि के तौर पर पहुंचे तो उनका स्वागत इटली की पीएम जॉर्जिया मेलोनी ने किया. दोनों नेता हाथ जोड़कर एक दूसरे का अभिवादन किया. मंच पर मोदी और मेलीनी काफी देर तक बात करते दिखे.