Emergency Visa: महाराष्ट्र के कोल्हापुर जिले के वडगांव गांव के तानाजी शिंदे (62) पिछले 10 दिनों से अमेरिका का आपातकालीन वीजा पाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं. उनकी इकलौती बेटी नीलम (35), जो कैलिफोर्निया के सैक्रामेंटो में पढ़ाई कर रही थी, 14 फरवरी को एक भीषण सड़क दुर्घटना का शिकार हो गई और कोमा में चली गई. वहीं शिंदे अब शुक्रवार को मुंबई में स्थित अमेरिकी वाणिज्य दूतावास में वीजा साक्षात्कार में शामिल होंगे, जिससे उन्हें बेटी के पास जाने का मौका मिल सकता है.
भीषण हादसे में गंभीर रूप से घायल हुईं नीलम
आपको बता दें कि नीलम यूसी डेविस मेडिकल सेंटर में भर्ती हैं. रिपोर्ट्स के अनुसार, एक तेज़ रफ्तार वाहन ने उन्हें टक्कर मार दी, जिससे वह 40 फीट तक उछल गईं. इस दुर्घटना में उनके दोनों पैर, बायां हाथ और खोपड़ी में गंभीर फ्रैक्चर आ गए. इसके अलावा, उन्हें गंभीर मस्तिष्क चोट (Traumatic Brain Injury) भी आई, जिसके चलते वह कोमा में चली गईं.
पिता की पीड़ा और वीजा प्रक्रिया की बाधाएं
वहीं तानाजी शिंदे, जो कुछ साल पहले एक बैंक चपरासी के रूप में सेवानिवृत्त हुए थे, अपनी बेटी की इस हालत को लेकर बेहद चिंतित हैं. उन्होंने बताया, ''नीलम मेरी इकलौती संतान है. पिछले साल, उसकी मां का निधन हुआ था और फरवरी में वह मुझसे मिलने आई थी. 12 फरवरी को, हमने फोन पर लंबी बातचीत की थी, जिसमें उसने बताया कि वह अपने एमएस के अंतिम सेमेस्टर के कारण घर नहीं आ पाई. दो दिन बाद, उसकी दुर्घटना की खबर मिली.'' बताते चले कि शुरुआत में वीजा आवेदन प्रक्रिया में आपातकालीन और नियमित वीजा के बीच कोई स्पष्ट अंतर नहीं था, जिससे उन्हें दिक्कतों का सामना करना पड़ा.
नीलम का शैक्षिक और पेशेवर सफर
आपको बता दें कि नीलम ने पुणे के सिंहगढ़ संस्थान से बीई (कंप्यूटर साइंस) की डिग्री प्राप्त की और इसके बाद नासा में एक साल की इंटर्नशिप भी पूरी की. चार साल पहले, उन्होंने कैलिफोर्निया स्टेट यूनिवर्सिटी में एमएस (इंजीनियरिंग) के लिए दाखिला लिया था.
सुप्रिया सुले समेत कई नेता मदद को आए आगे
इस मुद्दे को एनसीपी (एसपी) सांसद सुप्रिया सुले ने संज्ञान में लिया, जब कराड उत्तर के पूर्व विधायक बालासाहेब पाटिल ने उनकी दुर्दशा को उठाया. सुले ने विदेश मंत्रालय से त्वरित सहायता की मांग करते हुए कहा, ''मेरा लक्ष्य अभी तानाजी शिंदे को कैलिफोर्निया की पहली उड़ान से भेजना है. इस मामले को मैं विदेश मंत्री एस. जयशंकर के समक्ष भी उठाऊंगी, ताकि भविष्य में वीजा प्रक्रिया को और सरल बनाया जा सके.'' इसके अलावा, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, उपमुख्यमंत्री अजीत पवार और एकनाथ शिंदे ने भी मदद का आश्वासन दिया है.
परिवार की जद्दोजहद और समर्थन
हालांकि, नीलम के चचेरे भाई गौरव, जो पुणे में आईटी सेक्टर में कार्यरत हैं, लगातार मुंबई के अमेरिकी वाणिज्य दूतावास से संपर्क कर रहे हैं. उन्होंने बताया, ''अब जब यह मामला मीडिया में आया है, हमें वाणिज्य दूतावास से फोन आया और शुक्रवार को साक्षात्कार का स्लॉट मिल गया.'' नीलम के विश्वविद्यालय के प्रोफेसरों और छात्रों ने भी मदद का हाथ बढ़ाया है और कैलिफोर्निया के लिए एकतरफा टिकट की व्यवस्था करने का प्रयास किया है.