Omar Abdullah Dares to BJP: जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम और नेशनल कॉन्फ्रेंस पार्टी के उपाध्यक्ष उमर अब्दुल्ला ने लोकसभा चुनाव के लिए अपनी दावेदारी पेश कर दी है. शुक्रवार को नेशनल कॉन्फ्रेंस ने बारामूला सीट से अपने उम्मीदवार के नाम का ऐलान करते हुए साफ किया कि यहां से उमर अब्दुल्ला ही पार्टी का प्रतिनिधित्व करेंगे.
इतना ही नहीं नेशनल कॉन्फ्रेंस ने श्रीनगर लोकसभा सीट से पार्टी के वरिष्ठ नेता आगा सैयद रूहुल्ला को मैदान में उतारने का भी फैसला किया है. श्रीनगर में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में उम्मीदवारों का ऐलान करने के साथ ही उमर ने बीजेपी को चुनौती देते हुए कहा कि अगर उनमें हिम्मत है तो कश्मीर घाटी में अपना उम्मीदवार खड़ा कर के दिखाएं. उमर ने इस दौरान बीजेपी को चुनौती देते हुए कहा कि अगर बीजेपी घाटी में अपने उम्मीदवार उतारती है और जीत हासिल कर लेती है तो मैं राजनीति छोड़ दूंगा.
उमर अब्दुल्ला ने इस दौरान बीजेपी महासचिव तरूण चुग, अपनी पार्टी के अध्यक्ष अल्ताफ बुखारी और पीपुल्स कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष सज्जाद लोन के बीच हाल ही में हुई बैठक का जिक्र कर रहे थे, जो उत्तरी कश्मीर की बारामूला सीट पर उमर के खिलाफ ही चुनावी मैदान में लड़ते नजर आएंगे.
बीजेपी को ललकारते हुए उन्होंने कहा,'(अनुच्छेद) 370, विकास, सामान्य स्थिति की सभी चर्चाओं के बावजूद, चुनाव में प्रॉक्सी के बजाय भाजपा अपने उम्मीदवार को क्यों नहीं खड़ा कर पा रही है? क्योंकि वो जानते हैं कि अगर घाटी में उनका उम्मीदवार आएगा तो उनकी जमानत तक जब्त हो जाएगी और अगर वो अपनी जमानत नहीं खोते हैं तो मैं राजनीति छोड़ दूंगा. हमारा मुकाबला किसी व्यक्ति या उम्मीदवार के खिलाफ नहीं है. मेरी लड़ाई उन उम्मीदवारों के साथ खड़ी ताकतों के खिलाफ है. हमारी लड़ाई भाजपा और केंद्र सरकार के खिलाफ है.'
नेशनल कॉन्फ्रेंस की तरफ से शुक्रवार को हुए ऐलान के बाद एनसी ने कश्मीर घाटी की सभी तीन लोकसभा सीटों के लिए उम्मीदवारों की घोषणा कर दी है. यह ऐलान इस महीने की शुरुआत में इंडिया गठबंधन के सहयोगियों एनसी और पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी के बीच सीट-बंटवारे के समझौते के विफल होने के बाद आया है.
पीडीपी ने पहले तीनों निर्वाचन क्षेत्रों से अपने उम्मीदवारों की घोषणा की थी. हालांकि, एनसी का कांग्रेस के साथ सीट-बंटवारा समझौता है, जिसके तहत कांग्रेस को घाटी में तीन सीटें मिलीं और कांग्रेस को जम्मू में दो सीटों के साथ-साथ लद्दाख सीट भी मिली. गौरतलब है कि बारामूला में 20 मई को मतदान होना है, जहां एनसी के उमर, पीडीपी के पूर्व राज्यसभा सांसद फैयाज अहमद मीर और पीपुल्स कॉन्फ्रेंस के सज्जाद लोन के बीच मुकाबला होगा. एनसी के मोहम्मद अकबर लोन इस सीट से मौजूदा सांसद हैं.
मध्य कश्मीर में श्रीनगर (जो एनसी प्रमुख फारूक अब्दुल्ला का निर्वाचन क्षेत्र था) को लंबे समय से एनसी के गढ़ के रूप में देखा जाता रहा है. अब आगा सैयद रूहुल्ला पीडीपी के वहीद उर रहमान पारा के खिलाफ लड़ाई में पार्टी का प्रतिनिधित्व करते नजर आएंगे. श्रीनगर में 13 मई को मतदान होगा. सैयद रूहुल्ला को पार्टी के एक मुखर युवा नेता के रूप में देखा जाता है. एक पूर्व कैबिनेट मंत्री, वह एक शिया धर्मगुरु भी हैं, जिनका बडगाम और श्रीनगर जिले के कुछ हिस्सों में समुदाय पर महत्वपूर्ण प्रभाव है.
अपनी उम्मीदवारी की घोषणा के बाद उन्होंने कहा, 'लोग यहां जिन कठिनाइयों का सामना कर रहे हैं, उन्हें प्रतिनिधित्व की आवश्यकता है. चुनौती अपने पैरों पर खड़े होने और अपनी गरिमा और संवैधानिक अधिकारों के लिए लड़ने की है.'
एनसी ने पहले अनंतनाग-राजौरी सीट के लिए अपने उम्मीदवार मियां अल्ताफ लाहरवी की घोषणा की थी, जो पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती को टक्कर देंगे. वह निर्वाचन क्षेत्र, जहां एनसी के हसनैन मसूदी मौजूदा सांसद हैं, 7 मई को मतदान होगा. शुक्रवार की प्रेस कॉन्फ्रेंस में उमर ने केंद्र पर निशाना साधते हुए आगे कहा कि वे अभी तक जम्मू-कश्मीर को एक राज्य से घटाकर केंद्र शासित प्रदेश बनाने के फैसले को स्पष्ट नहीं कर पाए हैं, वे सुप्रीम कोर्ट में भी इस बारे में स्पष्टीकरण नहीं दे सके.