CBSE New Syllabus for 2025-26: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने कक्षा 10वीं और 12वीं के सिलेबस में बड़े बदलाव किए हैं. बोर्ड की मानें तो इस बदलाव का उद्देश्य शैक्षणिक ढांचे को बढ़ाना और कौशल-आधारित शिक्षण अवसरों का विस्तार करना है.
कक्षा 10 के छात्रों के लिए, बोर्ड ने अब तीन कौशल-आधारित विषयों में से एक का चयन अनिवार्य कर दिया है. वो होंगे कंप्यूटर एप्लीकेशन, सूचना प्रौद्योगिकी, या आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस. इसके अतिरिक्त, छात्रों को अपने भाषा विषयों में से एक के रूप में अंग्रेजी या हिंदी चुनना होगा.
एक उल्लेखनीय बदलाव में, अगर कोई छात्र विज्ञान, गणित, सामाजिक विज्ञान या भाषा जैसे मुख्य विषयों में फेल हो जाता है, तो वह अंतिम परिणाम की गणना के लिए उत्तीर्ण कौशल विषय या वैकल्पिक भाषा विषय के साथ इसे रिप्लेस कर सकता है.
कक्षा 12 के छात्रों के पाठ्यक्रम में भी नए बदलाव किए जाएंगे. चार नए कौशल-आधारित ऐच्छिक पाठ्यक्रम शुरू किए गए हैं जो कि हैं भूमि परिवहन सहयोगी, इलेक्ट्रॉनिक्स और हार्डवेयर, शारीरिक गतिविधि प्रशिक्षक, और डिजाइन थिंकिंग और नवाचार.
इस बदलाव का उद्देश्य व्यावहारिक और व्यावसायिक कौशल पर बढ़ते जोर के साथ तालमेल बिठाना है.
संशोधित कक्षा 12 के पाठ्यक्रम में अब सात प्रमुख शिक्षण क्षेत्र शामिल हैं. जो कि हैं भाषाएं, मानविकी, गणित, विज्ञान, कौशल विषय, सामान्य अध्ययन और स्वास्थ्य और शारीरिक शिक्षा. पाठ्यक्रम अपडेट के साथ, सीबीएसई ने कक्षा 10 और 12 दोनों बोर्ड परीक्षाओं के लिए ग्रेडिंग मानदंड को भी संशोधित किया है, अब 9-पॉइंट ग्रेडिंग सिस्टम का उपयोग किया जाएगा, जहां अंकों को ग्रेड में बदल दिया जाएगा.
परीक्षा के संदर्भ में, कक्षा 10 के छात्र अब वर्ष में दो बार बोर्ड परीक्षा देंगे, एक फरवरी में और दूसरी अप्रैल में, जो वर्तमान शैक्षणिक वर्ष से शुरू होगी. हालांकि, कक्षा 12 की परीक्षाएं वार्षिक रूप से आयोजित की जाती रहेंगी, 2026 की परीक्षाएं 17 फरवरी से शुरू होंगी.