तुहिन कांता पांडे बने नए सेबी प्रमुख, तीन साल तक रहेगा कार्यकाल
मोदी सरकार ने वित्त सचिव तुहिन कांत पांडे को 'सेबी' का नया अध्यक्ष नियुक्त करने का निर्णय लिया है. वह अगले तीन सालों तक इस पद पर बने रहेंगे.
Tuhin Kanta Pandey: माधबी पुरी बुच का कार्यकाल समाप्त होने के बाद तुहिन कांता पांडे को भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) का नया प्रमुख नियुक्त किया गया है. सेबी प्रमुख के रूप में उनका तीन साल का कार्यकाल शुरू हो चुका है. इससे पहले, वह भारत सरकार में वित्त सचिव के रूप में कार्यरत थे.
वित्त सचिव के रूप में तुहिन कांता पांडे की भूमिका
आपको बता दें कि सितंबर 2024 में तुहिन कांता पांडे को भारत का वित्त सचिव नियुक्त किया गया था. उनकी यह नियुक्ति तब हुई जब टीवी सोमनाथन को कैबिनेट सचिव बनाया गया था. वित्त सचिव के रूप में, पांडे की जिम्मेदारी वित्त मंत्रालय के प्रमुख नीतिगत फैसलों का नेतृत्व करना और सरकार की आर्थिक रणनीतियों को दिशा देना था. उन्होंने संसद की लोक लेखा समिति (PAC) के समक्ष मंत्रालय का प्रतिनिधित्व भी किया.
एयर इंडिया विनिवेश और एलआईसी लिस्टिंग में अहम भूमिका
बता दें कि अपने करियर के दौरान, तुहिन कांता पांडे ने कई महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया. उन्हें विशेष रूप से एयर इंडिया के ऐतिहासिक विनिवेश और भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) के सार्वजनिक सूचीकरण को सफलतापूर्वक पूरा करने के लिए जाना जाता है. उन्होंने सार्वजनिक उद्यम विभाग (DPE) और निवेश एवं सार्वजनिक संपत्ति प्रबंधन विभाग (DIPAM) का भी नेतृत्व किया है.
शैक्षिक पृष्ठभूमि और प्रशासनिक करियर
बताते चले कि तुहिन कांता पांडे ने पंजाब विश्वविद्यालय, चंडीगढ़ से अर्थशास्त्र में एमए और यूके से एमबीए किया है. वह भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) के ओडिशा कैडर के वरिष्ठ अधिकारी रहे हैं. अपने करियर के दौरान, उन्होंने ओडिशा राज्य सरकार और भारत सरकार में विभिन्न प्रशासनिक पदों पर कार्य किया.
उन्होंने संबलपुर में जिला कलेक्टर, वाणिज्य मंत्रालय में उप सचिव और नागरिक उड्डयन मंत्रालय में सचिव के रूप में भी सेवाएं दी हैं. इसके अलावा, उन्होंने स्वास्थ्य, परिवहन और वाणिज्यिक कर विभागों में भी अहम जिम्मेदारियां निभाई हैं. योजना आयोग में संयुक्त सचिव के रूप में कार्य करते हुए उन्होंने देश की प्रमुख आर्थिक और विनिवेश नीतियों को दिशा दी.
सेबी प्रमुख के रूप में कई चुनौतियां
हालांकि, तुहिन कांता पांडे के पास वित्तीय प्रबंधन और प्रशासन का गहरा अनुभव है, जो उन्हें सेबी के प्रमुख के रूप में एक कुशल नेतृत्व प्रदान करने में मदद करेगा. उनके कार्यकाल में भारतीय शेयर बाजार को और अधिक पारदर्शी, सुरक्षित और निवेशकों के लिए अनुकूल बनाने की उम्मीद की जा रही है.