ट्रंप के इस फैसले ने निकाल दी भारतीय शेयर बाजार की हवा, लाल निशान पर हुआ बंद, ऑटो और आईटी सेक्टर के स्टॉक गिरे
ऑटो और आईटी सेक्टर के शेयरों में आई गिरावट ने बाजार की दिशा को प्रभावित किया. विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक व्यापार नीतियों में बदलाव से भारतीय कंपनियों पर असर पड़ सकता है.

शुक्रवार को बेंचमार्क स्टॉक मार्केट सूचकांकों में गिरावट दर्ज की गई, क्योंकि ट्रंप प्रशासन के टैरिफ ने दलाल स्ट्रीट पर दबाव बनाया. वित्तीय वर्ष 2025 के आखिरी कारोबारी दिन ऑटो और आईटी सेक्टर के शेयरों में भारी गिरावट देखी गई, जिसके चलते बाजार निचले स्तर पर बंद हुआ. एसएंडपी बीएसई सेंसेक्स 191.51 अंकों की कमी के साथ 77,414.92 पर बंद हुआ, वहीं एनएसई निफ्टी50 72.60 अंकों की गिरावट के साथ 23,519.35 पर पहुंचा.
एशियाई बाजारों में नई चुनौतियां
जियोजित इनवेस्टमेंट्स लिमिटेड के शोध प्रमुख विनोद नायर ने बताया कि एशियाई बाजार एक नए कंसॉलिडेशन फेज से गुजर रहे हैं, क्योंकि अमेरिका के हालिया टैरिफ उपायों से प्रमुख विनिर्माण अर्थव्यवस्थाओं पर गहरा असर पड़ने की आशंका है. उन्होंने कहा, "इसके अलावा, जापान में सीपीआई में वृद्धि ने मौजूदा कमजोरी को और बढ़ाया है. घरेलू स्तर पर, बाजार की तेजी पर ब्रेक लग गया है, क्योंकि निवेशक इन टैरिफ के ऑटो, सहायक उद्योगों, फार्मा और अन्य क्षेत्रों पर प्रभाव का आकलन कर रहे हैं. इस बीच, सोने की कीमतें एक नए उच्च स्तर पर पहुंच गई हैं, क्योंकि व्यापार युद्ध के गहराने से वैश्विक आर्थिक स्वास्थ्य और बिगड़ने की चिंता बढ़ रही है."
सेक्टरों पर प्रभाव और बाजार की दिशा
ऑटो और आईटी सेक्टर के शेयरों में आई गिरावट ने बाजार की दिशा को प्रभावित किया. विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक व्यापार नीतियों में बदलाव से भारतीय कंपनियों पर असर पड़ सकता है. निवेशकों की नजर अब इस बात पर है कि आने वाले दिनों में ये टैरिफ अर्थव्यवस्था को किस तरह प्रभावित करेंगे.