menu-icon
India Daily

ट्रंप के टैरिफ से शेयर मार्केट में आई 'त्रासदी', लाल-लाल हुआ पूरा बाजार, सेंसेक्स 1300 तो निफ्टी 350 अंक लुढ़की

Share Market Down Donald Trump Tariffs Effect: कुछ दिनों से बाजार में बढ़ोतरी देखी जा रही थी लेकिन 1 अप्रेल को भारतीय शेयर बाजार में बड़ी गिरावट देखी गई.

auth-image
Edited By: Gyanendra Tiwari
Share Market Down Donald Trump Tariffs Effect Sensex and Nifty Indian Stock Market
Courtesy: Social Media

Share Market Down Donald Trump Tariffs Effect: अप्रैल 1 को भारतीय शेयर बाजार में भारी गिरावट देखने को मिली.  2 अप्रैल से अमेरिकी कई देशों पर रेसिपोकल टैरिफ लगाएगा. इसमें भारत भी शामिल है. ट्रंप ने 2 अप्रैल को "लिबरेशन डे" के रूप में घोषित किया है, जब वह अपने नए टैरिफ नियमों की घोषणा करेंगे. इस कारण से बाजार में बेचैनी का माहौल बना हुआ है, और इसकी वजह से प्रमुख इंडेक्स, सेंसेक्स और निफ्टी में बड़ी गिरावट आई है.

1 अप्रैल 2025 सेंसेक्स 1307.26 अंक गिरकर 76107.26 के स्तर पर बंद हुआ. वहीं, निफ्टी फिफ्टी 339.5 अंक गिरकर 23179 के स्तर पर बंद हुआ. लगभग 2,470 शेयरों में तेजी आई, 1,089 शेयरों में गिरावट आई और 122 शेयरों का भाव अपरिवर्तित रहा.

कई सेक्टर्स में आई गिरवाट

बाजार में सभी प्रमुख सेक्टरों में नकारात्मक प्रदर्शन देखा गया, केवल ऑटोमोबाइल सेक्टर को छोड़कर. खासकर आईटी, रियल्टी, फाइनेंशियल और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स सेक्टरों में 1-3 प्रतिशत तक गिरावट दर्ज की गई. बीएसई में लिस्टेड कंपनियों का कुल बाजार मूल्य 1.25 लाख करोड़ रुपये घटकर 411.62 लाख करोड़ रुपये रह गया.

ट्रंप के टैरिफ ने लाल किया बाजार

निवेशक 2 अप्रैल के टैरिफ की घोषणा को लेकर चिंतित हैं, जिसे ट्रंप ने "लिबरेशन डे" के रूप में नामित किया है. ट्रंप ने संकेत दिया है कि यह टैरिफ सभी देशों पर लागू होंगे, न कि केवल उन देशों पर जिनका व्यापार घाटा ज्यादा है. इससे वैश्विक आर्थिक मंदी के खतरे की आशंका बढ़ गई है, क्योंकि व्यापारिक तनावों का असर पूरी दुनिया पर पड़ सकता है.

वैश्विक बाजार ट्रंप के प्रतिकारक टैरिफ की घोषणा पर केंद्रित हैं. बाजार की दिशा इस बात पर निर्भर करेगी कि टैरिफ की घोषणा कैसी होती है और यह विभिन्न देशों और सेक्टरों पर क्या प्रभाव डालती है.

आईटी क्षेत्र पर है दबाव

आईटी कंपनियों ने 1.8 प्रतिशत तक गिरावट देखी, क्योंकि इन कंपनियों का बड़ा हिस्सा अमेरिकी बाजार पर निर्भर है और यहां मांग में गिरावट का अनुमान है. मार्च तिमाही में इस क्षेत्र की 15 प्रतिशत की गिरावट ने निफ्टी 50 के प्रदर्शन को प्रभावित किया.

 मोर्गन स्टेनली के विश्लेषकों ने कहा, "हम उम्मीद करते हैं कि आईटी कंपनियों के लिए FY26 का राजस्व अनुमान उम्मीदों के मुताबिक या निराशाजनक हो सकता है, और आय में नीचे जाने का जोखिम बना हुआ है."

तेल की कीमतों में इजाफा होने से बाजार पर पड़ रहा है असर

तेल की कीमतें पांच सप्ताह के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई हैं, जिससे महंगाई की चिंता बढ़ गई है. ब्रेंट क्रूड की कीमत 74.67 डॉलर प्रति बैरल और अमेरिकी वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) की कीमत 71.37 डॉलर प्रति बैरल थी. ऊंची तेल कीमतें भारत के राजकोषीय घाटे और कंपनियों के मुनाफे पर असर डाल सकती हैं.

Topics