Directorate General of Civil Aviation: नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) के ताज़ा आंकड़ों के मुताबिक, फरवरी 2025 में घरेलू हवाई यात्री यातायात 14.04 मिलियन तक पहुंच गया है. यह फरवरी 2024 की तुलना में 11% की वृद्धि दिखत है. हालांकि जनवरी 2025 में दर्ज 14.61 मिलियन यात्रियों की संख्या से यह थोड़ा कम रहा है.
इंडिगो फरवरी 2025 में भी देश की सबसे प्रमुख एयरलाइन बनी रही, जिसने 8.94 मिलियन यात्रियों को सफर कराया. इसके साथ ही 63.7% की मजबूत बाजार हिस्सेदारी हासिल की. वहीं, एयर इंडिया समूह, जिसमें एयर इंडिया, विस्तारा और एयरएशिया इंडिया शामिल हैं, 27.3% की बाजार हिस्सेदारी के साथ दूसरे स्थान पर रहा. इस समूह ने कुल 3.83 मिलियन यात्रियों को उड़ान सेवाएं प्रदान की है.
स्पाइसजेट की बाजार हिस्सेदारी में गिरावट
अकासा एयर ने फरवरी 2025 में 658,000 यात्रियों को सफर कराया और 4.5% की बाजार हिस्सेदारी दर्ज की, जबकि स्पाइसजेट 659,000 यात्रियों के साथ 3.2% बाजार हिस्सेदारी पर कायम रहा. दिलचस्प बात यह है कि स्पाइसजेट की हिस्सेदारी फरवरी 2022 में 10.7% के उच्चतम स्तर पर थी, लेकिन अब इसमें भारी गिरावट देखी गई है.
इंडिगो सबसे आगे
समय पर उड़ानों के मामले में इंडिगो ने चार प्रमुख मेट्रो हवाई अड्डों—नई दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु और हैदराबाद में 80.2% की पंक्चुअलिटी रेट के साथ शीर्ष स्थान बरकरार रखा. अकासा एयर और एयर इंडिया समूह इस क्रम में दूसरे और तीसरे स्थान पर रहे, जबकि स्पाइसजेट चौथे स्थान पर रहा.
तकनीकी गड़बड़ियों से प्रभावित उड़ानें
फरवरी 2025 में अनुसूचित घरेलू एयरलाइनों की रद्द करने की दर घटकर 0.63% रह गई, जो फरवरी 2024 में 0.90% थी. रिपोर्ट के मुताबिक, तकनीकी गड़बड़ियां उड़ान रद्द होने के मुख्य कारणों में शामिल रही.
यात्रियों को मुआवज़े के रूप में 1.5 करोड़ रुपये का भुगतान
मुआवज़े के मामलों में एयरलाइनों ने कुल 1,744 यात्रियों को 128.36 लाख रुपये की भरपाई की, जिन्हें उड़ान में चढ़ने से मना कर दिया गया था. इसके अलावा, उड़ान रद्द होने से प्रभावित 18,717 यात्रियों को विभिन्न मुआवज़ों और सुविधाओं के रूप में 24.86 लाख रुपये दिए गए.