Share Market: नए वित्तीय वर्ष के पहले कारोबारी दिन, मंगलवार 1 अप्रैल को भारतीय शेयर बाजार में बड़ी गिरावट देखी गई. आईटी, वित्तीय सेवाएं और धातु क्षेत्र के शेयरों में सबसे अधिक गिरावट दर्ज की गई. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा 2 अप्रैल से टैरिफ लागू करने की घोषणा के कारण निवेशकों में चिंता बढ़ गई, जिसका सीधा असर बाजार पर पड़ा.
सेंसेक्स-निफ्टी में जोरदार गिरावट
- सुबह 9:15 बजे, बीएसई सेंसेक्स 572.15 अंक (0.74%) गिरकर 76,842.77 पर पहुंच गया, जबकि निफ्टी 125.35 अंक (0.53%) गिरकर 23,394.00 पर खुला.
- सुबह 10:45 बजे तक, सेंसेक्स 868.54 अंक (1.12%) टूटकर 76,546.38 पर आ गया, जो 1,000 अंकों तक गिरकर 76,415.69 के इंट्राडे लो पर पहुंचा. वहीं, निफ्टी 183.10 अंक (0.78%) गिरकर 23,336.25 पर आ गया, जिसका इंट्राडे लो 23,276.10 रहा.
किन शेयरों में रही सबसे अधिक गिरावट?
- सेंसेक्स के 30 शेयरों में इंफोसिस में सबसे ज्यादा 2.25% की गिरावट आई और यह 1,535.10 रुपये पर कारोबार कर रहा था. इसके बाद एनटीपीसी (1.82% गिरकर 351.15 रुपये) और बजाज फाइनेंस (1.66% गिरकर 8,800 रुपये) के शेयरों में गिरावट देखी गई.
- पिछले कारोबारी सत्र (शुक्रवार, 28 मार्च) में भी इंफोसिस में सबसे अधिक 0.54% की गिरावट आई थी.
आईटी, वित्तीय और धातु सेक्टर सबसे ज्यादा प्रभावित
निफ्टी सेक्टोरल इंडेक्स में आईटी सेक्टर में सबसे अधिक 1.57% की गिरावट आई और यह 36,305.35 पर पहुंच गया.
- निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज 0.75% गिरकर 26,262.20 पर आ गया.
- निफ्टी मेटल इंडेक्स 0.69% गिरकर 9,029.35 पर पहुंच गया.
- मीडिया इंडेक्स भी 2.29% गिरकर 1,475.25 पर पहुंच गया.
पिछले सत्र में भी बाजार में गिरावट का सिलसिला जारी रहा
शुक्रवार, 28 मार्च को भी सेंसेक्स 191.51 अंक (0.25%) गिरकर 77,414.92 पर बंद हुआ था, जबकि निफ्टी 72.60 अंक (0.31%) गिरकर 23,519.35 पर बंद हुआ था. एक्सिस सिक्योरिटीज के शोध प्रमुख अक्षय चिंचलकर ने कहा, ''पिछले सप्ताह के उच्चतम स्तर से निफ्टी की निरंतर वापसी एक बड़ी बढ़त के भीतर गिरावट जैसी लग रही है.''
विदेशी निवेशकों का भरोसा कमजोर, घरेलू निवेशकों ने खरीदी
- विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) ने ₹4,352.82 करोड़ मूल्य के शेयर बेचे और वे शुद्ध विक्रेता बन गए.
- घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) ने ₹7,646.49 करोड़ मूल्य के शेयर खरीदे और वे शुद्ध खरीदार बने.
आने वाले दिनों में इन कारकों पर होगी बाजार की नजर
बजाज ब्रोकिंग के मुताबिक, मार्च-अप्रैल का बदलाव बाजार की धारणा के लिए अहम रहेगा. इस दौरान प्रमुख आर्थिक आंकड़े जारी होंगे, जो बाजार की दिशा तय करेंगे.
इस हफ्ते ध्यान देने योग्य बातें -
- 1 अप्रैल - अमेरिका का एसएंडपी ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग PMI (औद्योगिक उत्पादन और कारोबारी भावना का संकेत).
- 2 अप्रैल - भारत का एसएंडपी ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग PMI (घरेलू विनिर्माण स्थिति पर नजर).
- 3 अप्रैल - अमेरिका का प्रारंभिक बेरोजगारी दावा रिपोर्ट (श्रम बाजार की मजबूती का संकेत).
- 4 अप्रैल - अमेरिकी नॉन-फार्म पेरोल डेटा और बेरोजगारी दर, जो फेडरल रिजर्व की नीति को प्रभावित कर सकते हैं.