Pradosh Vrat 2024 : 23 जनवरी 2024 को पौष माह के शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी है. हर माह के त्रयोदशी को प्रदोष व्रत होता है. प्रदोष के दिन कुछ आसान से उपायों को करने से भगवान शिव और माता पार्वती की कृपा प्राप्त होती है. आइए आचार्य डॉ. विक्रमादित्य से जानते हैं कि आज प्रदोष व्रत के दिन कौन से उपाय करने चाहिए.
प्रदोष के व्रत के दिन मुख्य रूप से शिवजी और माता पार्वती की पूजा होती है. इस व्रत को संतान सुख पाने और दीर्घायु होने के लिए किया जाता है. वहीं, भौम प्रदोष व्रत (मंगलवार को पड़ने वाला प्रदोष) होने के कारण इस दिन पूजन से शिवजी के साथ ही बजरंगबली की कृपा भी आपको मिल सकती है. इसके लिए शाम के वक्त शिवजी और हनुमान जी दोनों की आराधना करें. ऐसा करने से व्यक्ति को सभी प्रकार के संकट से मुक्ति मिलकर आरोग्य की प्राप्ति होती है.
भौम प्रदोष व्रत के दिन दूध में गुड़ और शहद मिलाकर भगवान शिव का अभिषेक करना चाहिए. ऐसा करने से आपके धन में वृद्धि होगी और परिवार के लोगों में सुख सौहार्द्र रहने के साथ ही आनंद में भी वृद्धि होगी.
महादेव की पूजा अर्चना करने के साथ ही व्रत रखने मात्र से भगवान शिव और माता पार्वती का आशीर्वाद प्राप्त होता है. इतना ही नहीं, इस दिन व्रत करने मात्र से मांगलिक दोष दूर हो जाते हैं.प्रदोष व्रत जीवन में कष्ट, बाधा, रोग और संतान से जुड़ी सभी समस्याओं को दूर करता है. इस दिन किए गए कुछ उपाय बेहद कारगर साबित होते हैं. इन्हें करने से मात्र से जीवन में सुख समृद्धि और शांति आती है. अगर आपकी संतान के विवाह में कोई बाधा आ रही है. वैवाहिक जीवन में अशांति और परेशानी है या फिर किसी भी तरह के दुख और रोग से परेशान हैं तो इस दिन महादेव की पूजा अर्चना करने के साथ ही व्रत रखने से इन सभी समस्याओं से छुटकारा मिलता है. विवाह योग्य संतान के शादी के योग बनते हैं. सभी तरह की अड़चनें दूर हो जाती हैं.
आज किसी मंदिर में हनुमान जी को पांच मीठे पान और लड्डूओं का भोग लगाते हुए अपनी मनोकामना बोल दें.
अगर आप या आपकी संतान मांगलिक दोष से परेशान हैं या फिर जीवन में विवाह संबंधित अड़चने आ रही हैं या रिश्ता बार बार टूट रहा है. विवाह योग्य वर या कन्या नहीं मिल रही है तो तो भौम प्रदोष के दिन मंगलदेव के 21 नामों का जाप करें. मान्यता है कि ऐसा करने से मंगलिक दोष शांत हो जाता है और व्यक्ति के विवाह की मनोकामना पूर्ण हो जाती है.
श्रीराम भक्त हनुमान जी को भगवान शिव का ही रूद्रावतार माना गया है. इस कारण मान्यता है कि भौम प्रदोष व्रत करने से हनुमान जी भी प्रसन्न होते हैं. भगवान हनुमान जीवन में चल रही दिक्कतें और सफलता में आ रही बाधाओं को दूर करते हैं. आर्थिक तंगी से मुक्ति मिलती है. इस दिन व्रत रखने वाले को ॐ ऐं भ्रीम हनुमते व श्री राम दूताय नमः मंत्र का जाप करना चाहिए.
अगर किसी वजह से दांपत्य जीवन अच्छा नहीं चल रहा है. पति-पत्नी के संबंधों में खटास रहती है तो भौम प्रदोष वाले दिन रेशमी कपड़ों से भगवान शिव का मण्डप बनाएं. इसके बाद आटे और हल्दी से स्वास्तिक बनाएं. शिवलिंग को स्थापित कर भांग, धतूरा, मदार, पुष्प और बेलपत्र अर्पित करें. इसके बाद भगवान शिव से दांपत्य जीवन में आ रहीं परेशानियों को दूर करने की कामना करें. इसे करने मात्र से ही पति-पत्नी के संबंधों में आईं दूरियां खत्म हो जाती हैं. विचार मिलने लगते हैं और प्यार व सम्मान बढ़ता है.
महिलाएं सुख और सौभाग्य की प्राप्ति के लिए शाम के वक्त गाय को मीठी रोटी बनाकर खिलाएं. ऐसा करने से महिलाओं को सौभाग्य की प्राप्ति होती है और पति की उम्र लंबी होती है. दांपत्य जीवन में सुख की प्राप्ति होती है. जिन लोगों का विवाह नहीं हो रहा होता है, उनके विवाह के योग भी शीघ्र बनने लग जाते हैं.
अगर आपकी कोई मनोकामना है, जिसके बारे में आप कई दिनों से सोच रहे हैं तो भौम प्रदोष का दिन भगवान के सामने अर्जी लगाने के लिए बहुत ही शुभ माना जाता है. शाम के वक्त सुंदरकांड का पाठ करें और भगवान के समक्ष किसी मिष्ठान का भोग लगाकर अपनी मनोकामना मन ही मन दोहराएं. ऐसा करने से भगवानआपकी मनोकामना पूर्ण करेंगे.
भौम प्रदोष के दिन आटे और गुड़ के लड्डू बनाकर हनुमानजी को भेंट करना चाहिए. इससे हनुमानजी प्रसन्न होते हैं और उनका आशीर्वाद मिलता है. इसके साथ ही इस दिन आप गरीब व जरूरतमंद को भोजन भी कराएं. ऐसा करने से आपके अशुभ ग्रहों का प्रभाव खत्म होता है.