हाथरस का बड़ा सबक, वृंदावन के बाबा प्रेमानंद ने बंद की पद यात्रा, जुटते थे सैकड़ों श्रद्धालु

Premanand M0aharaj: हाथरस हादसे के बाद अब वृंदावन के संत प्रेमानंद महाराज ने बड़ा फैसला लेते हुए अपनी पदयात्रा को अनिश्चितकालीन बंद करने का ऐलान कर दिया है. हाथरस में सत्संग के बाद हुईं 123 मौतों को देखते हुए संत प्रेमानंद महाराज में यह फैसला लिया है.वे करीब रात्रि 2:15 से छटीकरा मार्ग स्थित अपने आवास से पदयात्रा करते हुए परिक्रमा मार्ग स्थित अपने आश्रम तक जाते हैं. 

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Premanand Maharaj: हाथरस में सत्संग के बाद हुई भगदड़ में 123 लोगों की मौत हो गई. इसको देखते हुए वृंदावन के संत स्वामी प्रेमानंद महाराज ने सुबह की अपनी पदयात्रा को अनिश्चितकाल के लिए बंद कर दिया है. संत प्रेमानंद महाराज के दर्शन के लिए सैकड़ों की संख्या में भक्त मार्ग में खड़े रहते हैं. वे रात में अपनी पदयात्रा को शुरू करते हैं. 

संत प्रेमानंद महाराज रात्रि करीब 2 बजकर 15 पर छटीकरा मार्ग स्थित अपने आवास पर पदयात्रा करते हुए परिक्रमा मार्ग स्थित अपने आश्रम श्रीहित राधा केली कुंज पहुंचते हैं. यहां पर उनके प्रवचन और एकांतित वार्ता का कार्यक्रम डेली होता है. 

जुट जाती है भक्तों की भीड़ 

संत प्रेमानंद महाराज के दर्शन के लिए उनके आवास से आश्रम तक करीब दो किलोमीटर तक भक्तों की भीड़ जुट जाती है. उनकी एक झलक पाने को भक्त लालायित रहते हैं.भक्तों की भीड़ को संत के परिकरों द्वारा ही नियंत्रित किया जाता है. भीड़ को देखते हुए उन्होंने पदयात्रा पर रोक लगा दी है. 

सोशल मीडिया पर की गई अपील

इस संबंध में श्रीहित राधा केली कुंज की ओर से सोशल मीडिया पेज भजन मार्ग पर पोस्ट के माध्यम से इस अपील को किया गया है. इसमें कहा गया है कि हाथरस में हुई घटना काफी हृदय विदारक और दुखद है. हम सभी की गहन संवेदनाएं मृतकों के परिजनों के साथ हैं. ठाकुर जी के चरणों में प्रार्थना है कि भविष्य में ऐसी कोई भी घटना न घटे. 

इस घटना को देखकर सावधानी बरतते हुए जिस पदयात्रा में महाराज जी रात्रि 2 बजकर 15 बजे से श्रीहित राधा केलि कुंज जाते थे, उसे अनिश्चितकाल के लिए बंद किया जाता है. कृपया कोई भी श्रद्धालु रात्रि के समय रास्ते में दर्शन के लिए खड़ा न हो और न ही रास्ते में भीड़ लगाएं.